उत्तराखंड : कोरोना के कारण कहीं फीका न पड़ जाए चारधाम यात्रा का उत्साह, हो चुकी तीन करोड़ की बुकिंग
मई महीने से शुरू होने वाली यात्रा के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम(जीएमवीएन) के होटलों में तीन करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
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देश दुनिया में प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का उत्साह कहीं कोरोना संक्रमण के चलते फीका न पड़ जाए। एक साल बाद फिर से प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जबकि इस बार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है।
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यही वजह है कि मई महीने से शुरू होने वाली यात्रा के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम(जीएमवीएन) के होटलों में तीन करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं, पांच दिन में केदारनाथ हेली सेवा के लिए 8762 टिकटों की आनलाइन बुकिंग की गई है।
पिछले साल चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले कोरोना की दस्तक से पर्यटन उद्योग को बड़ा आर्थिक झटका लगा था। कोरोना महामारी के भय के चलते चारधाम यात्रा के कपाट खुलने के बावजूद भी यात्रा का संचालन नहीं हो पाया था। जिससे साहसिक पर्यटन गतिविधियों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, टैक्सी, बस आपरेटर, चारधाम में चढ़ने वाला प्रसाद समेत स्थानीय उत्पादों का कारोबार पूरी तरह से ठप होने से लगभग 2.50 लाख लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था।
इसी साल जनवरी माह में कोरोना संक्रमण थमने से कारोबारियों को चारधाम यात्रा पूर्व की भांति संचालित होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन फिर से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने से तेजी से संक्रमण फैलने से मुश्किलें बढ़ रही है। हालांकि पर्यटन विभाग की ओर से इस बार चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी की गई।
मई महीने से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए होटलों व केदारनाथ हेली सेवा के लिए अभी से एडवांस बुकिंग होने लगी है। जीएमवीएन के होटलों में तीन करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं, तीन अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ हेली सेवा की आनलाइन बुकिंग में पांच दिन में ही 8762 टिकट बुक हो चुके हैं।
चारधामों में आने वाले यात्रियों की क्षमता के आधार पर यात्रा को चलाएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, सैनिटाइजेशन अनिवार्य होगा। जिस तरह से पहले भी चारधाम यात्रा को संचालित की गई थी। उसी तरह से यात्रा आगे भी चलेगी। कोरोना मामले बढ़ने से इस समय एहतियात के तौर पर सख्ती बरती जा रही है। हमारी चारधाम यात्रा सफल होगी। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। केंद्र के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
चारधाम यात्रा में आने के लिए इस बार तीर्थ यात्रियों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। अब तक जीएमवीएन के होटलों में तीन करोड़ की बुकिंग हो चुकी है। वहीं, केदारनाथ हेली सेवा के लिए 8762 लोग ने टिकट बुकिंग की है।
- डॉ. आशीष चौहान, प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन
कोरोना के कारण गत वर्ष 10 प्रतिशत तीर्थ यात्री आए
प्रदेश में बीते वर्ष मार्च 2020 में कोरोना की दस्तक से चारधाम यात्रा पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अप्रैल माह में कपाट खुलने के बाद यात्रा शुरू नहीं हुई। एक जुलाई माह में प्रदेश के लोगों के लिए यात्रा शुरू की गई है। जबकि 25 जुलाई से प्रदेश के बाहर के लोगों को सशर्त यात्रा में अनुमति दी गई है। नवंबर-दिसंबर माह तक चारधाम में 3.30 लाख तीर्थ यात्री ही दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि इससे पहले वर्ष 2019 में लगभग 32 लाख से ज्यादा यात्रियों के यात्रा में आने का रिकॉर्ड बना था।
पर्यटन क्षेत्र में 26.87 प्रतिशत रोजगार का अनुमान
नेशनल काउंसिल आफ एप्लाइड इकॉनामी एंड रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में कुल रोजगार का 26.87 प्रतिशत रोजगार पर्यटन क्षेत्र में अनुमानित है। राज्य से बाहर से आने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा व्यय 40.3 प्रतिशत पर्यटन व उससे संबंधित उत्पादों पर करते हैं। होटल में 18.7 प्रतिशत, परिवहन सेवा में 15.9 प्रतिशत, रेस्टोरेंट पर 9.3 प्रतिशत व्यय किया जाता है।