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उत्तराखंड: 16 वर्षों में भी नहीं पाया गो सेवा आयोग का ढांचा, शासन को प्रस्ताव भेजा पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं

Tue, 12 May 2026 12:59 PM IST
Renu Saklani अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 12 May 2026 12:59 PM IST
सार

16 वर्षों में भी गो सेवा आयोग का ढांचा नहीं पाया। शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है लेकिन इस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।

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Uttarakhand News Even after 16 years structure of the Cow Service Commission not established
बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राज्य में 2010 में बड़े जोर-शोर से उत्तराखंड गो सेवा आयोग की स्थापना की गई थी लेकिन स्थापना के 16 साल बीत जाने के बाद भी आज तक आयोग का ढांचा तक नहीं बनाया जा सका है। आयोग के पास कर्मचारी तक नहीं हैं और वह पशुधन विभाग के कर्मियों से अपना काम चला रहा है।

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आयोग का ढांचा तय करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है लेकिन इस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। स्टाफ की कमी से आयोग का कामकाज प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इसके बाद भी आयोग अपनी जिम्मेदारियों को पूरी करने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
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गो सेवा आयोग राज्य में निराश्रित गो वंश को आश्रय और भोजन उपलब्ध कराने से लेकर बीमारी या दुर्घटना होने पर उनका इलाज तक करा रहा है। राज्य में पंजीकृत 95 गौसदन में इस समय करीब 17500 निराश्रित गौ वंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। निराश्रित गौ वंश पालने वाले गौसदन को 80 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से इसका भुगतान किया जा रहा है।

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