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देहरादून : तकनीकी खामियों के चलते टूटा बड़ासी पुल का पुस्ता, लच्छीवाला फ्लाईओवर में भी आई दरार

Sat, 19 Jun 2021 03:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 19 Jun 2021 03:08 PM IST
सार

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि यह फ्लाईओवर जगह-जगह से टूट गया है, इसकी रिटेनिंग वॉल भी काफी जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है।

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uttarakhand news : cracks also occurred in lachhiwala flyover
तकनीकी खामियों के कारण टूटा बड़ासी पुल का पुस्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून के बड़ासी पुल का पुस्ता तकनीकी खामियों के कारण टूटा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के चीफ इंजीनियर ने शुक्रवार को प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है। दूसरी ओर प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी आरके सुंधाशु ने कहा कि उन्होंने अभी रिपोर्ट देखी नहीं है। रिपोर्ट में जो भी तथ्य हैं, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

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तीन दिन पूर्व बड़ासी पुल की एप्रोच रोड का पुस्ता टूटकर गिर गया था। इसके बाद पुल पर आवाजाही रोक दी गई। मौके पर पहुंची एनएच की टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। बाद में चीफ इंजीनियर शरद कुमार बिरला ने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को रिपोर्ट सौंप दी।
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सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी रिपोर्ट में निर्माण की खामियों की ओर इशारा किया है। उन्होंने साफ किया है कि पुल की एप्रोच रोड का निर्माण ठीक से नहीं किया गया, जिसके कारण वाहनों का दबाव बढ़ने से पुस्ता टूट गया। जबकि पुल की एप्रोच रोड का निर्माण इस तरह से किया जाता है कि वो भारी वाहनों का दबाव भी झेल सके। उन्होंने निर्माण से जुड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर अपनी रिपोर्ट दी है।
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लच्छीवाला फ्लाईओवर में आई दरार, यूकेडी ने किया प्रदर्शन
लच्छीवाला फ्लाईओवर के कुछ हिस्से में दरार आने पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने लच्छीवाला फ्लाईओवर पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस प्रकरण की जांच कराने और दोषियों को दंडित के लिए एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि यह फ्लाईओवर जगह-जगह से टूट गया है, इसकी रिटेनिंग वॉल भी काफी जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। मंगलवार की रात को डोईवाला विधानसभा के बड़ासी मोटरपुल भी क्षतिग्रस्त हो गया था, इसको लेकर भी यूकेडी ने दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की थी।

दो दिन बाद ही लच्छीवाला फ्लाईओवर के एक हिस्से में दरार आने से नेशनल हाईवे बनाने वाली कंपनियों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड क्रांति दल के जिला अध्यक्ष केंद्रपाल सिंह तोपवाल ने भी कार्रवाई की मांग की। यूकेडी के युवा नगर अध्यक्ष अंकित घिल्डियाल ने कहा कि यदि दो दिन के अंदर इस मामले में जांच नहीं होती है तो यूकेडी जोरदार आंदोलन करेगी। 
प्रदर्शन करने वालों में धर्मवीर सिंह गुसाईं, अवतार सिंह बिष्ट, सीमा रावत, प्रशांत भट्ट, सार्थक सेमवाल, संदीप गुसाईं, विवेक रौथाण आदि थे।

जिस जगह भूस्खलन बताया जा रहा है वह डोईवाला की ओर एप्रोच रोड जिसमें मिट्टी भरान और पिचिंग किया जाता है। इन स्थानों पर पौधे भी लगाए जाते हैं। फ्लाईओवर पूरी तरह से सुरक्षित है। यदि कहीं दिक्कत आती है तो तत्काल दुरुस्त कराया जाता है। बहरहाल, हर स्थिति का अवलोकन कर लिया जाएगा।
- लोकेश देशवाल, एचआर हेड, कार्यदायी एटलस कंपनी

पुलों, आरओबी, फ्लाईओवर की हर 15 दिन में होगी मॉनिटरिंग

मानसून सीजन में प्रदेश के सभी पुलों, रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और फ्लाईओवर की हर 15 दिन में मॉनिटरिंग होगी। इसके तहत सभी पुलों की नियमित जांच की जाएगी ताकि बरसात के मौसम में सड़क धंसाव, पुश्ते गिरने, पिलर झुकने या गिरने की आशंकाओं को कम किया जा सके। इससे जान-माल के संभावित नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।

बारिश शुरू होने के साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पुलों की एप्रोच रोड धंसने, पुश्ते गिरने, पिलर झुकने या गिरने की घटनाएं हो रही हैं। फ्लाईओवर और आरओबी में भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। इन घटनाओं के कारण कई जगह पुलों पर यातायात रोकने और नियंत्रित करने की भी नौबत आई है। इन दिनों प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। इसके कारण अधिकांश नदियों में भी उफान है। इससे पुलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इसके तहत विशेषज्ञों की टीम नियमित तौर पर सड़क के लेवल की जांच करेगी।

बड़ासी पुल पर फिलहाल नहीं चलेंगे वाहन
बड़ासी पुल पर फिलहाल वाहन नहीं चलेंगे। एप्रोच रोड के पुस्ते के और टूटने की आशंका को देखते हुए एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव से इसकी सिफारिश की है। वहीं, भोपालपानी पुल की एप्रोच रोड भी धंस गई है, जिस पर एसडीएम ने उस तरफ की रोड बंद करने को कहा है। एक तरफ की एप्रोच रोड में धंसाव हो रहा है, जिस पर वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है। 

कई बड़े पुलों के एप्रोच रोड को खतरा
प्रदेश के कई बड़े पुल ऐसे हैं, जिनकी एप्रोच रोड कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। बरसात के कारण नए बने पुलों के पुश्ते कई जगह फूल गए हैं, जिनसे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसमें ज्यादातर वो पुल शामिल हैं, जिनका निर्माण पिछले एक-दो सालों के दौरान हुआ है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में भी कई पुलों की एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा है। 

नियमित मॉनिटरिंग से छोटे से छोटे बदलाव पर भी नजर रखी जा सकेगी। जिससे दुर्घटना की संभावना को कम से कम किया जा सके। अगर कहीं भूधंसाव या अन्य कोई दिक्कत दिखती है तो शुरूआती तौर पर उसका ट्रीटमेंट किया जा सकता है। हर 15 दिन में निशान लगाकर लेवल नापा जाता है। इसे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता, लेकिन मॉनिटरिंग से उसका पता चल जाएगा।
-शरद कुमार बिरला, चीफ इंजीनियर, राष्ट्रीय राजमार्ग

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