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उत्तराखंडः फसलों को बंदरों से होने वाले नुकसान पर मिलेगा मुआवजा, वन विभाग ने जारी किया आदेश

Sun, 14 Mar 2021 01:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 14 Mar 2021 01:32 PM IST
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Uttarakhand news : Compensation will be given for loss of crops by monkeys
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

बंदरों की ओर से अगर फसल को नुकसान पहुंचाया जाता है तो वन विभाग की ओर से कम से कम 8000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा भी दिया जाएगा। विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है। 

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प्रदेश में बंदरों से फसल नुकसान की समस्या लगातार बढ़ रही है। पर्वतीय जिलों में यह समस्या अधिक है। लोगों का कहना है कि बंदरों के झ़ुंड खेतों और क्यारियों की ओर रुख करते हैं। बागवानों को इससे अधिक नुकसान होता है। इस समस्या से बचने के लिए पर्वतीय जिलों ने बाकायदा बंदर रजिस्टर तक बनाए हुए हैं और इसके तहत गांव के परिवारों की रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाई जाती है।
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महिलाओं का कहना है कि बंदर अब अधिक बेखौफ हैं और शोर मचाने पर भी नहीं भाग रहे हैं। अल्मोड़ा में बच्चों ने भी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा था कि बंदरों के डर के कारण वे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। 
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इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश में चार नए बंदरबाड़े भी बनाए जा रहे हैं और सरकार के स्तर पर बंध्याकरण योजना को भी अधिक तेजी से लागू करने की कोशिश की जा रही है। इतना होने पर भी बंदरों की आबादी बढ़ने के कारण इस समस्या का समाधान नहीं मिल पा रहा है। अब वन विभाग की ओर से फसल नुकसान का मुआवजा देने की घोषणा से लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। 

डेढ़ लाख से ज्यादा बंदर हैं प्रदेश में
-36 प्रतिशत के हिसाब से हर साल बढ़ रही है इनकी संख्या
-16000 बंदरों का बंध्याकरण किया जा चुका है सरकार ने पीड़क घोषित कर बंदरों को मारने की अनुमति दी थी। लेकिन एक भी बंदर नहीं मारा है। इसकी वजह धार्मिक भावना बताई गई है।
 

इन स्थितियों में मिलेगा मुआवजा

1. बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जंगली हाथी, भालू, लकड़बग्घा, जंगली सुअर, मगरमच्छ, घड़ियाल, सांप के आक्रमण से घायल, विकलांग या मौत होने पर। इन वन्यजीवों की ओर से पालतू पशुुओं के मारे जाने पर 
2. बंदर, जंगली हाथी, जंगली सुअर, नील गाय, काकड़, सांभर, चीतल की ओर से फसल के नुकसान पर
3. जंगली हाथी से मकान के नुकसान पर

फसल नुकसान पर यह मिलेगा मुआवजा
-गन्ना पूरी फसल- 25 हजार रुपये/एकड़
-धान, गेंहू, तिलहन की पूरी फसल- 15 हजार रुपये/एकड़
-अन्य सभी फसले-8000 रुपये/एकड़

यह है फसल के नुकसान की राहत हासिल करने का तरीका

घटना की सूचना दो दिन के अंदर स्थानीय वन अधिकारी को दें। इसके बाद तहसीलदार/पटवारी और वन अधिकारी की ओर से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट सहायक वन्यजीव संरक्षक और वन्य जीव प्रतिपालक को उपलब्ध कराई जाएगी। अंतिम जांच रिपोर्ट देे माह के अंदर-अंदर भेजी जाएगी। 

बंदरों से खेती के नुकसान की बात लगातार हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए चार नए बंदरबाड़े भी बनाए जा रहे हैं। राहत राशि को एकसमान रखने के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा रहा है। 
- जेएस सुहाग, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक

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