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उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने दिए निर्देश, पर्वतारोहियों की सेटेलाइट लोकेशन की हो व्यवस्था
Thu, 14 Oct 2021 11:35 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:35 PM IST
सार
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले कनेक्टिविटी पर कार्य किया जाए। हेलीपैड्स एवं हेलीपोर्ट्स के निर्माण पर शीघ्र कार्य किया जाए।
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मुख्य सचिव एसएस संधू
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्वतारोहियों व ट्रेकर्स की लोकेशन के लिए सेटेलाइट और अन्य माध्यमों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने रिस्ट बैंड की व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे सर्च ऑपरेशन में काफी मदद मिल सकती है। मुख्य सचिव सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
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उन्होंने ऑफ सीजन टूरिज्म पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा सीजनल होती है, लेकिन ऑफ सीजन टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं है। इन्हें तलाशते हुए योजनाएं तैयार की जाएं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले कनेक्टिविटी पर कार्य किया जाए। हेलीपैड्स एवं हेलीपोर्ट्स के निर्माण पर शीघ्र कार्य किया जाए। पर्यटन स्थलों में हेलीपैड्स विकसित करने के लिए प्राथमिकता तय की जाए। जहां ज्यादा संभावनाएं हैं, वहां कनेक्टिविटी पर प्राथमिकता के आधार पर फोकस हो।
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उन्होंने सभी कार्य योजनाओं पर समयसीमा के भीतर काम करने और प्रत्येक योजना को साप्ताहिक अथवा पाक्षिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मार्केटिंग और पब्लिसिटी पर भी विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं सीईओ युकाडा स्वाति भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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20-30 किमी पर हो पानी व टॉयलेट
उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर हर 20 से 30 किलोमीटर पर पानी व टॉयलेट आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रियों और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुचारु संचालन के लिए छोटी-छोटी दुकानें आदि की व्यवस्था की जा सकती हैं।
हर उम्र के पर्यटक के अनुसार जुटाएं सुविधाएं
पर्यटन स्थलों पर सभी उम्र के पर्यटकों के अनुसार सुविधाएं विकसित हों। युवाओं को प्रत्येक जानकारी फोन पर चाहिए इसके लिए ऐसी एप और वेबसाइट तैयार की जाए। वृद्धों के लिए ऑफलाइन जानकारियों की व्यवस्था भी रखी जाए। एप और वेबसाइट को सिटीजन फ्रेंडली एवं ईजी टू यूज बनाया जाए।
नए रिसोर्ट विकसित हों
उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यटन की संभावना वाले क्षेत्रों में रिसोर्ट विकसित किए जा सकते हैं। शुरुआत में जीएमवीएन एवं केएमवीएन के माध्यम से चलाकर लाभ होने पर बेचा जा सकता है और उस पैसे से नई जगह विकसित की जा सकती हैं।