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उत्तराखंड : एक्शन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, इंजीनियरों और डाक्टरों पर गिरी गाज
Thu, 01 Oct 2020 02:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 01 Oct 2020 02:10 PM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : पीटीआई (file photo)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को कड़े रुख में दिखाई दिए। एक ही दिन में उनके निर्देश पर शासन ने लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों और डाक्टरों पर बड़ी कार्रवाई की।
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यूपीसीएल के तीन इंजीनियरों समेत पांच लोगों को निलंबित किया गया तो वहीं बगैर अवकाश के गायब चल रहे एक अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया। सीएम के आदेश पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 81 चिकित्साधिकारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।
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बगैर अवकाश के गायब एक्सीईएन निलंबित
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनुपम सक्सेना को आदेशों की अवहेलना का दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया। सक्सेना को प्रांतीय खंड लोनिवि पौड़ी से विश्व बैंक खंड लोनिवि अस्कोट में तैनात किया गया था, जिसका उन्होंने अनुपालन नहीं किया।
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वह बिना अवकाश मंजूर कराए कार्यालय से गैर हाजिर हैं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख अभियंता लोनिवि की सिफारिश के आधार पर सक्सेना की स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति, शासकीय आदेशों का पालन न करने, बिना अवकाश गैर हाजिर रहने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर निलंबित करने के निर्देश दिए।
लंबे समय से गायब 81 डाक्टरों की सेवा समाप्त
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 81 चिकित्साधिकारियों की सेवा समाप्ति संबधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित इन चिकित्सकों की विभाग में अनुपस्थिति की तिथि से सेवा समाप्ति संबंधी प्रस्ताव को सहमति के लिए लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।