यमकेश्वर में हादसा: तेज बहाव वाले गदेरे में धंसी कार; बाल-बाल बचे विंध्यवासिनी मंदिर गए गाजियाबाद के श्रद्धालु
Uttarakhand News: श्रद्धालु विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। शाम करीब चार बजे विंध्यवासिनी-गंगा भोगपुर मार्ग पर मंदिर से लगभग 100 मीटर पहले तेज बहाव वाले गदेरे को पार करते समय वाहन दलदल में धंस गया।
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बरसात में उफान पर आए गदेरे को पार करने की कोशिश गाजियाबाद से आए श्रद्धालुओं पर भारी पड़ गई। विंध्यवासिनी मंदिर मार्ग पर बुधवार शाम श्रद्धालुओं का वाहन तीन से चार फीट गहरे दलदल और तेज बहाव वाले गदेरे में फंस गया। हालांकि समय रहते सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से वाहन को बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार श्रद्धालु विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। शाम करीब चार बजे विंध्यवासिनी-गंगा भोगपुर मार्ग पर मंदिर से लगभग 100 मीटर पहले तेज बहाव वाले गदेरे को पार करते समय वाहन दलदल में धंस गया।
देखते ही देखते मटमैले पानी के तेज बहाव में वाहन आधा डूब गया। वाहन में सवार लोगों ने स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर जेसीबी मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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प्रशासन ने पहले ही जारी की थी एडवाइजरी
विंध्यवासिनी मंदिर के पास त्याडो और ताल नदियों का संगम होने के कारण मानसून के दौरान यहां जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। घाटी के कई नाले और गदेरे भी बरसात में उफान पर रहते हैं। मंदिर क्षेत्र के आसपास नदी किनारे संचालित दर्जनों रिजॉर्ट और कैंप हर वर्ष बाढ़ के खतरे की जद में रहते हैं।
एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान नदियों और गदेरों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटक और श्रद्धालु किसी भी स्थिति में उफनते गदेरों को पार करने का प्रयास न करें।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से 20 जून को ही एडवाइजरी जारी कर नदी किनारे स्थित होटल, रिजॉर्ट और कैंप संचालकों को बरसात के दौरान पर्यटकों को न ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।