मिशन 2022: उत्तराखंड में भाजपा युवा चेहरे पर खेलेगी चुनावी दांव, 60 प्लस के नारे के साथ मैदान में उतरेगी पार्टी
पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर ही प्रदेश भाजपा ने युवा नेतृत्व, 60 प्लस का नारा गढ़ा।
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उत्तराखंड में भाजपा युवा नेतृत्व और 60 प्लस के नारे के साथ 2022 के विधानसभा चुनाव में जाएगी। पार्टी ने एक तरह से संकेत दे दिया है कि उसका चुनावी चेहरा युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कहते हैं विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही होगा। पार्टी ने 60 सीटों का लक्ष्य तय किया है। 2017 में पार्टी ने 57 सीटें जीती थी।
रविवार को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी थी। प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में सोमवार को इसका एलान हो गया।
इससे पहले भाजपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव में ‘खंडूड़ी है जरूरी’ का नारा देकर अपने अनुभवी और बुजुर्ग राजनेता को चुनावी चेहरा बनाया था। लेकिन 2022 के चुनाव के लिए पार्टी ने 45 साल के युवा चेहरे को 60 विधानसभा सीटें जीतने का भारी भरकम लक्ष्य सौंपा है।
हालांकि पार्टी में वरिष्ठ और बुजुर्ग सियासी महारथियों की लंबी कतार है। लेकिन वह वोटरों को लुभाने वाले युवा मुख्यमंत्री के राजनीतिक कौशल पर निर्भरता बढ़ाना चाहती है।
यह देखना भी दिलचस्प होगा कि चुनावी कुरुक्षेत्र में पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, विजय बहुगुणा, सतपाल महाराज, डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल के युवा मुख्यमंत्री के समीकरण कैसे रहते हैं।
सियासी पंडित मानते हैं कि विधानसभा चुनाव में युवा मुख्यमंत्री पर दांव लगाने से पार्टी को फायदा हो सकता है। राज्य में 57 प्रतिशत मतदाता युवा हैं जिनकी चुनाव में निर्णायक भूमिका है। लिहाजा पार्टी की नजर इन्हीं पर लगी है। मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में 22 हजार से ज्यादा खाली पदों को भरने का निर्णय लिया।
इसका सीधा अर्थ यह है कि भाजपा युवा वोटरों को साधने का लक्ष्य लेकर चल रही है जो फिलहाल बेरोजगारी के कारण खासे व्यथित हैं। हालांकि मुख्यमंत्री भी उनकी अपेक्षा और नाराजगी से वाकिफ हैं। वह कहते हैं कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, लेकिन हम लाखों की संख्या में स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। सरकार का इस दिशा में प्रयास करेगी।