फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: bjp mla Umesh Sharma Kau Told About Dispute after return Delhi

उत्तराखंड: विधायक उमेश शर्मा काऊ बोले, पार्टी से बाहर हमारा भी संगठन है, हम उसमें निर्णय लेंगे

Tue, 07 Sep 2021 09:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 07 Sep 2021 09:18 PM IST
सार

काऊ ने कहा कि हम लोगों का भी अपना एक संगठन हैं। हम जब गए थे, तो हम साथी थे। हम उनके साथ बात करके ही इस प्रकरण पर बात करेंगे।

विज्ञापन
Uttarakhand News: bjp mla Umesh Sharma Kau Told About Dispute after return Delhi
उमेश शर्मा 'काऊ' - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि उन्हें भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से पूरी उम्मीद है। उन्होंने अपना दर्द उन्हें बता दिया है। बकौल, काऊ, राष्ट्रीय स्तर से कोई निर्णय नहीं होता है तो पार्टी से बाहर हमारा भी संगठन है। हम उसमें निर्णय लेंगे। काऊ के इस बयान ने सियासत में हलचल पैदा कर दी है। 

विज्ञापन


हालांकि काऊ ने इसे अपने परिवार का मामला बताया है। साथ ही अनिर्णय की स्थिति में उनके अलग संगठन को लेकर दिए गए बयान के सियासी मायने टटोले जा रहे हैं। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काऊ की नाराजगी से इनकार किया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें... उत्तराखंड: भाजपा में खुलकर सामने आई रार, विधायक और कार्यकर्ताओं में हुई जबरदस्त भिड़ंत, तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मिल बैठकर मामले को देख लिया जाएगा। मालदेवता में एक कार्यक्रम के दौरान विधायक उमेश शर्मा और भाजपा नेता के बीच कैबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत की उपस्थिति में तीखी तकरार हो गई थी। पार्टी ने मामले की जांच प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार को सौंप दी। इसके बाद काऊ दिल्ली पहुंच गए जहां उन्होंने केंद्रीय नेताों से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई।

ये मेरे परिवार का मामला
मंगलवार को भाजपा विधायक काऊ सुभाष रोड स्थित एक होटल में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनकी दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात को लेकर सवाल किए। काऊ ने कहा कि यह मेरे परिवार का मामला है। उन्होंने अपना दर्द राष्ट्रीय नेताओं को बता दिया है। काऊ के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से मुलाकात की।

प्रदेश संगठन से निर्णय नहीं हुआ तो दिल्ली जाना पड़ा
काऊ ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन को वह बहुत दिनों से अपनी बात बता रहे हैं। जब वहां से कोई निर्णय नहीं हुआ तो उन्हें परिवार के सबसे बड़े संगठन नेताओं को अपनी बात कहनी पड़ी।

हम लोगों का भी एक संगठन है
काऊ ने कहा कि हम लोगों का भी अपना एक संगठन हैं। हम जब गए थे, तो हम साथी थे। हम उनके साथ बात करके ही इस प्रकरण पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके साथ भी कुछ मंत्री और कुछ विधायक हैं। उनको भी मैं अपना दर्द बता चुका हूं। अब वह भी बैठ कर जो निर्णय करेंगे मैं उस निर्णय के साथ हूं।

विधायक का दर्द
आपका दर्द क्या है, इस सवाल के जवाब में काऊ ने कहा कि पिछला चुनाव जब मैं लड़ा था, एक संगठन तब भी मेरे साथ नहीं था। बाकी चार साल आप खुद ही देख रहे हैं। पिछले छह महीने में रोज मेरे खिलाफ मीटिंग होती है। 

धामी की तारीफ की
काऊ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मालदेवता में मुख्यमंत्री ने करोड़ों की घोषणा की । 

राजनीति में हर वक्त दरवाजे खुले रहते हैं : प्रीतम
भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ प्रकरण पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने जब पूछा गया कि वह आपकी पार्टी के पुराने नेता हैं। इस पर प्रीतम ने कहा कि पुराने और नए का प्रश्न नहीं है। राजनीति में हर वक्त दरवाजे खुले रहते हैं। जब वक्त आएगा तो हर बात शीशे की तरह साफ हो जाएगी। हमारे पुराने साथी हैं, हमेशा बात होती है। हमारा सबके प्रति साफ्ट कार्नर है और राजनीति में तो आना जाना लगा रहता है। 

मैंने उमेश काऊ से बात कर ली थी। ऐसी कोई नाराजगी नहीं है। हम बैठकर मामलों को देख लेंगे।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

भाजपा विधायक का बयान मैंने भी सुना। उन्होंने यही कहा कि भाजपा मेरा परिवार है। मालदेवता में जो भी हुआ, उस मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

भाजपा छोड़ने का दबाव बनाने वाले पार्टी के हितैषी नहीं : हरक

रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ से मुलाकात के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत काफी खफा नजर आए। उन्होंने कहा कि भाजपा छोड़ने का दबाव बनाने वाले पार्टी के हितैषी नहीं हैं। जो भी लोग कांग्रेस से भाजपा में आए थे, वह आज भी एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी हैं।

दरअसल, मई 2016 में कांग्रेस से नौ विधायकों ने बागी होकर भाजपा का दामन थाम लिया था। तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उन्हें सदस्यता दिलाई थी। बागी होने वालों में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव चैंपियन, शैलेंद्र मोहन सिंघल, शैलारानी रावत, अमृता रावत शामिल थे।

कई बार ऐसे मौके आए, जब हरक सिंह रावत, उमेश शर्मा काऊ ने कई फैसलों को लेकर नाइत्तेफाकी जताई। एक बार फिर रायपुुर के डिग्री कॉलेज में सामने आए विवाद के बाद से यह बेगानापन खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मंत्री हरक से मुलाकात की।

उनसे बातचीत के बाद मंत्री हरक ने कहा कि भाजपा में कई लोग ऐसे हैं जो कि पार्टी छोड़ने का दबाव बना रहे हैं। मैं उन सबसे कहना चाहता हूं कि वह पार्टी के हितैषी नहीं हैं। हम जितने भी लोग कांग्रेस से भाजपा में आए, वह आज भी एक हैं। एक-दूसरे के सुख दुख के साथी हैं। उनके इस बयान के सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed