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Uttarakhand: राहत की खबर... बिजली संकट से बचने को केंद्र से फिर मिल सकता है 300 मेगावाट का कोटा

Tue, 28 Feb 2023 10:24 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 28 Feb 2023 10:24 PM IST
सार

अगर ऊर्जा मंत्री के स्तर से फाइल पर जल्द हस्ताक्षर नहीं हुए तो एक मार्च को उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

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Uttarakhand News avoid power crisis 300MW quota can be got from central government
बिजली(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में गंभीर बिजली संकट से फिलहाल राहत मिलने के आसार हैं। प्रदेश को मिल रही 300 मेगावाट(7.2 मिलियन यूनिट) अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति को जारी रखने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसकी मियाद मंगलवार रात को खत्म हो रही थी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

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दरअसल, केंद्र सरकार ने अनावंटित (अन एलोकेटेड) कोटे से प्रदेश को 12 जनवरी को 300 मेगावाट बिजली दी थी। यह बिजली मध्य प्रदेश (40 मेगावाट), उत्तर प्रदेश (40 मेगावाट), पश्चिम बंगाल (70 मेगावाट), ओडिशा (50 मेगावाट), बिहार (50 मेगावाट), असम (50 मेगावाट) से मिल रही थी। इसकी मियाद 28 फरवरी की रात को खत्म हो रही थी। इस बीच ऊर्जा मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर बिजली संकट के मद्देनजर इस कोटे को बढ़ाने की मांग की थी।
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शासन, यूपीसीएल प्रबंधन के स्तर से भी मंत्रालय के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस कोटे को बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। खबर लिखे जाने तक उत्तराखंड की फाइल पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। उनके हस्ताक्षर के बाद ही यह तय हो पाएगा कि मांगी गई 300 मेगावाट बिजली कब से कब तक राज्य को मिलेगी।

बुधवार को हो सकती है कटौती
अगर ऊर्जा मंत्री के स्तर से फाइल पर जल्द हस्ताक्षर नहीं हुए तो एक मार्च को उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि पहले ही बाजार से बिजली खरीद रहे यूपीसीएल के लिए 7.2 मिलियन यूनिट की कमी की भरपाई करना आसान नहीं होगा।

वर्तमान में यह है बिजली की स्थिति

  • राज्य पूल, यूजेवीएनएल से उपलब्ध बिजली: 8-10 मिलियन यूनिट
  • केंद्रीय पूल, सभी स्त्रोतों से उपलब्ध बिजली: 18-20 मिलियन यूनिट
  • राज्य व केंद्र से उपलब्ध कुल बिजली : 28-31 मिलियन यूनिट
  • राज्य में बिजली की औसत मांग : 40 से 41 मिलियन यूनिट
  • बिजली की रोजमर्रा की औसत कमी: 7-9 मिलियन यूनिट
  • टेंडर के माध्यम से खरीदी जा रही बिजली: 6 से 7 मिलियन यूनिट
  • इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से रोजाना खरीदी जा रही बिजली : 1-3 मिलियन यूनिट


गैस आधारित बिजली संयंत्र भी चलेंगे

ऊर्जा संकट के बीच गैस आधारित बिजली संयंत्रों पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने मंगलवार को बैठक ली। बैठक में उत्तराखंड से भी सचिव ऊर्जा, यूपीसीएल के एमडी सहित तमाम अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अपने स्तर से गैस आधारित ऊर्जा संयंत्र चला सकते हैं लेकिन इसके लिए केंद्र कोई अलग से सब्सिडी नहीं देगा। ऐसे में काशीपुर के दो गैस आधारित संयंत्रों (एक 214 और दूसरा 107 मेगावाट) के जल्द चलने की संभावना है। यह संयंत्र रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद गैस के दाम बढ़ने की वजह से बंद हो गए थे। अगर अब संयंत्र चलते हैं तो इससे राज्य को 321 मेगावाट बिजली और मिल जाएगी। यह बिजली किस रेट पर मिलेगी, यह नियामक आयोग तय करेगा।

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