उत्तराखंड : मोटर वाहन नियम के संशोधन आज से लागू, इस नए नियम से आसान होगा सफर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में आज गुरुवार से ड्राइविंग करते हुए लाइसेंस, आरसी, प्रदूषण जांच से संबंधित कागजातों की हार्ड कॉपी रखने की टेंशन दूर हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम 1989 में लागू होने से रह गए शेष नियमों की अधिसूचना जारी की है, जो आज से लागू हो गई है।
परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों, परिवहन कर अधिकारियों व संभागीय निरीक्षकों को केंद्रीय मोटरयान नियमावली के संशोधन लागू करने के संबंध पत्र जारी कर दिया है।
संशोधन के तहत ड्राइविंग लाइसेंस और ई-चालान समेत वाहन दस्तावेज का रखरखाव अब विभाग के सारथी पोर्टल से होगा। वाहन चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन से संबंधित अन्य दस्तावेजों की मूल प्रति साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। वाहन चालक इन दस्तावेजों को डिजिलॉकर एप या एम-परिवहन एप में डाउनलोड कर सकते हैं, जिन्हें उन्हें पूरी तरह वैध माना जाएगा। वे रूट नेविगेशन के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकेंगे।
ऑनलाइन सीज हो जाएंगे दस्तावेज
नियमों के उल्लंघन के दौरान यदि कोई दस्तावेज सील करना होगा तो उसके लिए लाइसेंस, आरसी के मूल प्रपत्र की आवश्यकता नहीं होगी। पोर्टल पर इन्हें जब्त करने की कार्रवाई हो जाएगी। आवेदन पत्र जो दस्तावेज जमा कराते हैं।
अभी 20 प्रतिशत चालान ही ऑनलाइन
आज से बेशक ऑनलाइन व्यवस्था लागू हो गई है, लेकिन प्रदेश में वाहनों के अभी 20 प्रतिशत चालान ही ऑनलाइन हो पा रहे हैं।
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन विभाग को व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान करना होगा। प्रदेश में लागू ई चालान व्यवस्था के बावजूद नेटवर्क और अन्य तकनीकी खामियों के कारण व्यवधान आ रहा है।