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उत्तराखंड: 43.29 लाख बच्चों को दी जाएगी पेट के कीड़े मारने की दवा, छह सितंबर से चलेगा अभियान
Wed, 04 Aug 2021 10:44 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:44 PM IST
सार
बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक एवं अपर सचिव सोनिया की अध्यक्षता में राज्य समन्वय कमेटी की बैठक में अभियान को लेकर चर्चा की गई।
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कृमि मुक्ति अभियान
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड में एक साल से 19 साल तक के 43.29 बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा दी जाएगी। इसके लिए 6 से 11 सितंबर तक प्रदेश में कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर जाकर एल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएगी।
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बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मिशन निदेशक एवं अपर सचिव सोनिया की अध्यक्षता में राज्य समन्वय कमेटी की बैठक में अभियान को लेकर चर्चा की गई। एनएचएम मिशन ने कहा कि कृमि मुक्ति अभियान के लिए सभी जनपदों को एल्बेंडाजोल की गोलियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायती राज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायत प्रधानों व अन्य जनप्रतिनिधियों को आनलाइन प्रशिक्षण के दौरान अभियान की जानकारी दी जाए। बच्चों के माता-पिता को भी एल्बेंडाजोल दवा की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जाए।
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एनएचएम निदेशक डॉ. सुमन आर्य ने कहा कि अभियान का संचालन कोविड के मानकों के अनुरूप किया जाएगा। दवा देने के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोविड के अनुरूप व्यवहार का पालन कर बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। एनएनएच के प्रभारी अधिकारी डॉ. भार्गव विश्वास गायकवाड़ ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े मुख्य रूप से नंगे पांव मिट्टी में खेलने और गंदगी से होते हैं। कीड़े पेट में संक्रमण पैदा करते हैं। इस कारण बच्चों में डायरिया स्थिति उत्पन्न होती है। बैठक में निजी विद्यालय संगठन के अध्यक्ष डा. प्रेम कश्यप समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।