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कोरोना ः कोरोना के बाद युवा भी हो रहे इस बीमारी के शिकार, इन बातों का रखना होगा ध्यान

Sat, 03 Jul 2021 05:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 03 Jul 2021 05:53 PM IST
सार

राजकीय दून मेडिकल अस्पताल की पोस्ट कोविड ओपीडी समेत अन्य विभिन्न अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं।

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uttarakhand news : after corona youth are suffering from this disease
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना संक्रमण से स्वस्थ्य होने के बाद लोगों में तरह-तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ताजा मामला युवाओं में भूलने की बीमारी का मिल रहा है। कुछ डॉक्टर इसे अस्थाई डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) भी मान रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अक्सर बुजुर्गों में होने वाली यह बीमारी कोरोना बीमारी से जूझने वाले युवा वर्ग में भी देखने को मिल रही है।
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भूलने की दिक्कत हो रही
राजीवनगर निवासी 35 साल के युवक को तीन महीने पहले कोरोना हुआ था। वह अस्पताल में इलाज के बाद कोरोना से तो उबर गए, लेकिन अब उन्हें भूलने की दिक्कत हो रही है। उन्होंने डॉक्टर को बताया कि वह जो भी पढ़ते हैं, कुछ ही देर बाद उसे भूल जाते हैं। इससे वह बड़ी उलझन में हैं।
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कौलागढ़ निवासी 25 वर्षीय युवती पिछले दो महीने पूर्व कोरोना होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती रही। उन्हें भी छोटी-छोटी बातें भूलने की समस्या आ रही है। वह अक्सर यह भी भूल जा रही हैं कि उनकी तबीयत पूछने या उनसे बात कर के कौन गया या क्या बात कहकर गया।
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हर वर्ग के लोगों में आ रही है यह समस्या

राजकीय दून मेडिकल अस्पताल की पोस्ट कोविड ओपीडी समेत अन्य विभिन्न अस्पतालों में इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं। पहले आमतौर पर 55 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह बीमारी होती थी। कोरोना के बाद हर वर्ग के लोगों में यह समस्या आ रही है। दून अस्पताल के ई-हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. सुशील कुमार ओझा ने बताया कि पोस्ट कोविड ओपीडी में इस तरह के मरीज आ रहे हैं। अस्थायी तौर पर उन्हें भूलने की समस्या हो रही है। उनकी काउंसिलिंग की जा रही है। साथ ही इससे उभरने के लिए टिप्स भी दिए जा रहे हैं।

पोस्ट प्रोमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर है यह समस्या : डॉ. बिष्ट
राजकीय जिला कोरोनेेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि इस बीमारी को डिमेंशिया कहना उचित नहीं होगा। यह पोस्ट प्रोमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीपीएसडी) बीमारी कहलाती है। यह अक्सर हो जाती है। ऐसे मरीजों की काउंसिलिंग कर उन्हें चिकित्सीय सलाह दी जा रही है। अगर कोरोना के बाद फेफड़े स्वस्थ हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

इन बातों का रखें ख्याल
- नियमित रूप से सुबह के वक्त योग व व्यायाम करें
- पानी खूब पीएं
- लिक्विड डाइट अधिक मात्रा में लें
- विटामिन युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन करें और फास्ट फूड, जंक फूड का इस्तेमाल न करें
- धूम्रपान, शराब और अन्य किसी तरह के नशे का सेवन न करें

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