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उत्तराखंड: ऐसे मजबूत होगा आपदा प्रबंधन तंत्र, समय से पहले मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी
Mon, 12 Dec 2022 11:43 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 12 Dec 2022 11:43 PM IST
सार
इस बाबत पूर्व में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) और मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के बीच हुए एमओयू को पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।
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मौसम
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
आपदाओं की दृष्टि से अति संवेदनशील उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि लोगों को समय से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी मिल सके। इसके लिए वेदर नेटवर्क स्टेशनों की स्थापना और वास्तविक समय मौसम सूचना प्रणाली (रियल टाइम वेदर इंफॉर्मर सिस्टम) को और मजबूत बनाया जाएगा।
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इस बाबत पूर्व में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) और मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के बीच हुए एमओयू को पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। सोमवार को एमओयू पर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा और आईएमडी के निदेशक विक्रम सिंह ने हस्ताक्षर किए। अब दोनों विभाग आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद सहयोग से काम करेंगे। आईएमडी की ओर से चयनित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन, ऑटोमेटिक रेन गेज, ऑटोमेटेड स्नो गेज और काम्पैक्ट डॉप्लर रडार स्थल चयन, इंस्टॉलेशन, परीक्षण और संचालन के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराई जाएगी।
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यूएसडीएमए की मदद से स्थापित होने वाले तंत्र के अंतिम निरीक्षण में आईएमडी सहायता करेगी। उपकरणों की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी यूएसडीएमए की होगी। उपकरणों से प्राप्त डाटा को प्रोसेसिंग के लिए सीधे आईएमडी के सर्वर में भेजा जाएगा। साथ ही यूएसडीएमए को उत्तराखंड में आईएमडी की ओर से स्थापित अन्य मौसम संबंधित उपकरणों से प्राप्त होने वाली जानकारी मिल जाएगी। एमओयू के तहत आईएमडी और यूएसडीएमए शोध और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी एक-दूसरे को सहयोग करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल भी मौजूद थे।