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उत्तराखंड: आप ने लगाई बदहाल स्कूल भवनों के चित्रों की प्रदर्शनी, लोगों ने भेजे थे फोटो-वीडियो
Fri, 15 Jan 2021 11:36 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 15 Jan 2021 11:36 PM IST
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आप पार्टी ने लगाई फोटो प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी ने सेल्फी विद स्कूल अभियान के तहत प्रदेश भर से लोगों की ओर से भेजी गई बदहाल स्कूल भवनों की तस्वीरों की सभी जिलों में प्रदर्शनी लगाई। आप का कहना है कि अभियान में लोगों ने खुद ही सरकार के बेहतर शिक्षा के दावों की पोल खोल दी है, जर्जर स्कूल भवन उत्तराखंड के शिक्षा सिस्टम पर तमाचा हैं।
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देहरादून में आप पार्टी के प्रदेश कार्यालय में जर्जर स्कूल भवनों की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता संजय भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार बेहतर शिक्षा के खोखले दावे कर रही है। कहा कि इन तस्वीरों से यह साबित हो गया है कि प्रदेश में जीरो वर्क सीएम हैं। स्कूल भवनों की हालत देखकर लगता है कि बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर यहां पढ़ने को मजबूर हैं। भाजपा नेता लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं।
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आप प्रवक्ता नवीन पीरसाली ने कहा कि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रदेश सरकार को चार साल के कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, रोजगार को लेकर पांच काम गिनाने को कहा था और इन मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी थी। कहा कि प्रदेश में बदहाल स्कूलों की हकीकत सामने लाने के लिए ही पार्टी ने सेल्फी विद स्कूल अभियान चलाया। जिसमें प्रदेश की जनता ने पूरा समर्थन दिया।
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बदहाल स्कूलों की प्रदर्शनी से शिक्षक आहत : घिल्डियाल
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से शुक्रवार को जिस तरह से प्रदेश के बदहाल सरकारी स्कूलों की प्रदर्शनी लगाई गई, इससे शिक्षक आहत हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ बदहाल स्कूलों के आधार पर पूरी शिक्षा व्यवस्था का आंकलन करना ठीक नहीं है। दिल्ली के स्कूलों की स्थिति में निश्चित रूप से सुधार आया है, लेकिन उत्तराखंड के स्कूल भी कम नहीं हैं।
संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष ने कहा कि तुलना वहां की जाती हैं जहां समान स्थितियां हों। क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक स्थिति यदि एक समान हो तो तुलना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों ने समाज के सहयोग, खुद एवं सरकार के प्रयासों से स्कूलों को बेहतर बनाया है। शिक्षक सैकड़ों बेहतर स्कूलों की प्रदर्शनी लगा सकते हैं।