12 सालों के इंतजार के बाद रुद्रप्रयाग में बनेगी 902 मीटर लंबी सुरंग, आपस में जुड़ेंगे गौरीकुंड-बदरीनाथ हाईवे
- आगामी अप्रैल में निविदा खुलने के साथ ही होगा निर्माण शुरू
- गौरीकुंड व बदरीनाथ हाईवे को आपस में जोड़ेगी सुरंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
12 वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार रुद्रप्रयाग में 902 मीटर लंबी सुरंग निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अप्रैल में निविदा खुलने के साथ ही सुरंग का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस सुरंग को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड व ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग से जोड़ने के लिए अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल भी बनेगा, जिससे आमजन को भी आवाजाही में सहूलियत होगी।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में लोनिवि प्रांतीय डिवीजन कार्यालय से आगे जगतोली में जवाड़ी बाईपास से लगे पहाड़ पर सुरंग का निर्माण होगा, जिसका दूसरा सिरा रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मार्ग पर बेलणी में आबादी से कुछ आगे निकलेगा। सुरंग बनने से रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार, केदारनाथ तिराहा, बेलणी पुल में लगने वाले जाम से स्थानीय लोगों के साथ ही अन्य को निजात मिलेगी। वहीं, अलकनंदा नदी के दोनों तरफ बसे गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही भी सुलभ होगी।
इसके अलावा यात्राकाल में केदारनाथ व बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बाजार का लंबा फेर नहीं लगाना पड़ेगा। अधिशासी अभियंता एनएच रुद्रप्रयाग जितेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि 902 मीटर लंबी सुरंग व 200 मीटर लंबा पुल का निर्माण एक ही प्रोजेक्ट में शामिल हैं। अप्रैल में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही शुरू कर दिया जाएगा। यह सुरंग व पुल दोनों हाईवे को जोड़ने का काम करेगा, जिससे आने वाले दिनों में यातायात सुलभ होगा और जाम से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
ट्रकों के लिए भी खोला जाए तोताघाटी मार्ग
ट्रांसपोर्टरों ने आईएसबीटी स्थित एक होटल में बैठक कर तोताघाटी मार्ग को ट्रकों के लिए खुलवाने और बाहरी वाहनों में ओवरलोडिंग बंद करने की मांग की। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक ट्रकों का चक्काजाम करने पर सहमती बनी।
उत्तराखंड ट्रक ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष जगमोहन सकलानी ने कहा कि ऋषिकेेश से वाया तोताघाटी होते हुए श्रीनगर तक बसें तो जा रही हैं, लेकिन प्रशासन मालवाहक ट्रकों को इस रूट पर जाने की अनुमति नहीं दे रहा है। जिससे ट्रक मालिकों को वाया टिहरी जाने से 65 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शुक्रवार को शासन को पत्र लिखा जाएगा। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक तीन घंटे तक ट्रकों को संचालन ठप रहेगा, जो ट्रक जहां है वहां पर खड़ा हो जाएगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। ट्रांसपोर्टर संजीत कुमार ने कहा कि ऋषिकेश में सैकड़ों ट्रक होने के बावजूद ट्रांसपोर्टनगर नहीं है। उत्तर प्रदेश के ट्रक पर्वतीय क्षेत्रों में माल ढो रहे हैं, हिल परमिट न होने के बाद भी वह वाहन यमुनानगर से रुदप्रयाग ऊखीमठ तक पहुंच रहे हैं।
कुलदीप बहुगुणा ने कहा कि ट्रकों में ओवरलोड रोका जाना चाहिए। संजीत कुमार ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का हमें फायदा उठाना चाहिए। हमें एक यूनियन बनाकर आरवीएनएल में काम कर रही कंपनियों से काम मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है रेलवे सुरंग निर्माण के काम में बाहरी राज्यों के ट्रक डंपर काम पर लगे हुए हैं, स्थानीय ट्रांसपोर्टर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।