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उत्तराखंड: उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार मिला या नहीं विभागीय मंत्री ने 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
Thu, 29 Jul 2021 03:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 29 Jul 2021 03:52 PM IST
सार
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा स्थित सभागार में औद्योगिक संगठनों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
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उद्योग मंत्री गणेश जोशी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
प्रदेश में स्थापित उद्योगों में स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार पर उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों से 10 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) के माध्यम से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों में स्थानीय लोगों के लिए 70 प्रतिशत रोजगार अनिवार्य किया गया था। इसके हिसाब से उद्योगों में रोजगार मिला है या नहीं, इस पर पूरी रिपोर्ट दी जाए।
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उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा स्थित सभागार में औद्योगिक संगठनों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों की समस्याओं को समय पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण हर क्षेत्र पर आर्थिक प्रभाव पड़ा है, जिसमें उद्योग भी शामिल हैं। उद्योगों को किस तरह से सरकार राहत दे सकती है, इस पर अधिकारियों को सुझाव देने के निर्देश दिए हैं।
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जोशी ने कहा कि सरकार की ओर से महिला उद्यमियों को उद्योग लगाने पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी तर्ज पर प्रदेश के पूर्व सैनिकों को भी उद्योग लगाने में पांच प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा औद्योगिक नीति 2017 की अवधि 2022 में पूरी हो रही है।
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इस नीति को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में सचिव उद्योग राधिका झा, सिडकुल प्रबंधन निदेशक रोहित मीणा, अपर सचिव राजस्व आनंद श्रीवास्तव, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, उत्तराखंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील उनियाल समेत अधिकारी मौजूद थे।
स्वत: मूल्यांकन करने की सुविधा मिलेगी
उत्तर प्रदेश व असम की तर्ज पर सरकार एमएसएमई उद्योगों को स्वत: मूल्यांकन करने की सुविधा देने जा रही है। इससे उद्योगों को संबंधित विभागों की माध्यम से किए जाने वाले निरीक्षण से राहत मिलेगी। वहीं, सिंगल विंडो के माध्यम से 15 से 20 दिन के भीतर उद्योगों को एनओसी देने का समय सीमा तय की जाएगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि एनओसी के लिए उद्योग चक्कर काटते हैं, जिसके कारण उत्तराखंड में कम उद्योग आ रहे हैं।
सिडकुल के प्लाट के रेट होंगे कम
विभागीय मंत्री ने कहा कि सिडकुल के औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादा रेट होने के कारण 15 सालों से प्लाट खाली पड़े हैं। सितारगंज औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट के रेट 3500 वर्ग मीटर रखे गए। इसे कम कर 2500 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया जाएगा। कम रेट होने से उद्यमी निवेश के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि सिडकुल के औद्योगिक क्षेत्र में कोई भी प्लाट बिल्डरों को नहीं दिया जाएगा। सिर्फ उद्योग लगाने के लिए प्लाट का आवंटन किया जाएगा।