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Uttarakhand: प्रदेश में 650 दुग्ध सहकारी समितियां हुईं हाईटेक, गुणवत्ता और मात्रा की ऑनलाइन हो सकेगी निगरानी

Thu, 21 Dec 2023 07:26 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Dec 2023 07:26 PM IST
सार

दुग्ध सहकारी समितियां से 52 हजार दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हैं। किसानों से एकत्रित दूध का ऑनलाइन भुगतान और गुणवत्ता की निगरानी के लिए सभी समितियों को हाईटेक किया जा रहा है।

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Uttarakhand News 650 milk cooperative societies in the state become hi-tech
दूध की गुणवत्ता और मात्रा की होगी निगरानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुग्ध उत्पादक किसानों से एकत्रित दूध की गुणवत्ता और मात्रा की निगरानी के लिए प्रदेश की 650 दुग्ध सहकारी समितियां हाईटेक हो गईं है। चरणबद्ध तरीके से सभी समितियों को ऑनलाइन किया जाएगा। इस कार्य के लिए केंद्र सरकार से उत्तराखंड को राष्ट्रीय डेयरी विकास मिशन के तहत 33 करोड़ रुपये की योजना मंजूर हुई है।

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प्रदेशभर में 2,600 दुग्ध सहकारी समितियां काम कर रही हैं। इन समितियों से 52 हजार दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हैं। किसानों से एकत्रित दूध का ऑनलाइन भुगतान और गुणवत्ता की निगरानी के लिए सभी समितियों को हाईटेक किया जा रहा है। पहले चरण में केंद्र सरकार से सात करोड़ रुपये की राशि जारी हुई थीं।

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दूध की गुणवत्ता व मात्रा का डाटा तैयार किया जा रहा

इस राशि से 650 दुग्ध सहकारी समितियों में गुणवत्ता जांच के लिए मशीनें स्थापित की गईं। आधुनिक तकनीक की इन मशीनों से उच्च स्तरीय भी ऑनलाइन माॅनिटरिंग कर सकते हैं। मसलन किस समिति में प्रतिदिन कितना दूध एकत्रित किया गया। प्रत्येक किसान से क्रय दूध में फैट की मात्रा कितनी है और कितना दूध खरीदा गया।

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दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त निदेशक जयदीप अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश की 650 दुग्ध सहकारी समितियां में मशीनें स्थापित की गईं है। इसका परिणाम भी सकारात्मक है। एक जगह से दुग्ध समितियां में प्रतिदिन एकत्रित दूध की गुणवत्ता व मात्रा का डाटा तैयार किया जा रहा है।

इससे किसानों को डिजिटल माध्यम से दूध मूल्य का भुगतान किया जाएगा। इससे पारदर्शिता आएगी। शीघ्र ही केंद्र सरकार को बजट उपयोगिता का प्रमाण पत्र भेजा जा रहा, जिससे बजट की अगली किस्त जारी हो सके।

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