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अच्छी पहल: चंपावत के मंदिर में शराब पीकर आने पर लगेगा पांच हजार रुपये जुर्माना, पशुबलि पर पूर्ण प्रतिबंध
Thu, 27 May 2021 02:00 AM IST
अलका त्यागी
सतीश जोशी ‘सत्तू’, अमर उजाला, चंपावत
सतीश जोशी ‘सत्तू’, अमर उजाला, चंपावत
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 27 May 2021 02:00 AM IST
सार
चंपावत जिले में पशु बलि पर रोक लगाने को लेकर अच्छी पहल की गई है। इससे पहले भी यहां पूर्णागिरि और बाराही धाम में पशु बलि वर्जित है।
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- फोटो : pixabay
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विस्तार
उत्तरखंड के चंपावत जिले के लधियाघाटी क्षेत्र की शीला देवी मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए मंदिर में शराब पीकर आने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में किसी भी प्रकार के पेड़-पौधों को काटने पर भी जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह बडेला और सदस्य नवीन सिंह भंडारी ने बताया कि मंदिर में बलि देते पकड़े जाने पर संबंधितों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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लाटरी के आधार तीसरी बार पुजारी चुने गए राजेंद्र कोटिया
शीला देवी मंदिर समिति की बैठक में लॉटरी के आधार पर राजेंद्र कोटिया को तीसरी बार पुजारी चुना गया। तय किया गया कि भविष्य में भी मंदिर के पुजारी का चुनाव लॉटरी के आधार पर ही किया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष दीवान सिंह बडेला, नवीन सिंह भंडारी, पुष्कर सिंह बगोटी, जगत सिंह बगोटी, नारायण कोटिया, ग्राम प्रधान भुवन राम, भुवन भट्ट, भूपाल बोहरा, दीपक जोशी, सुभाष जोशी, मदन जोशी आदि शामिल रहे।
पूर्णागिरि और बाराही धाम में पहले से वर्जित हैं पशुबलि
मां पूर्णागिरि धाम और बग्वाल युद्ध के लिए प्रसिद्ध मां बाराही धाम में पूर्व से ही पशुबलि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। जिले के घटकू, सीमांत तामली, नीड़, धौन आदि स्थानों में दशहरा पर्व पर की जाने वाली पशुबलियों में भी बीते पांच सालों से प्रतिबंध लगा है।