निगम कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा 7वें वेतनमान के तहत आवास भत्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों (निगमों, बोर्डों व संस्थाओं) के कर्मचारियों को भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत जल्द आवास भत्ता मिलेगा। राजकीय कर्मियों के समान उन्हें भी अटल आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा।
मंगलवार को राज्य सचिवालय में अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी के साथ राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता में ये निर्णय लिए गए। इसके साथ ही महासंघ ने अपना आंदोलन स्थगित करने का एलान कर दिया है।
शासन ने महासंघ को उसकी मांगों के नोटिस के क्रम में वार्ता का न्योता दिया था। अपर मुख्य सचिव के साथ हुई इस बैठक में प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आवास भत्ते पर सहमति बनने के बाद सार्वजनिक उद्यम विभाग को इस बाबत शीघ्र आदेश जारी करने को कहा गया है।
तय हुआ कि उन सभी निगमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत एरियर का भुगतान होगा, जहां अभी तक इस संबंध आदेश जारी नहीं हुए हैं। महासंघ को आश्वस्त किया गया कि संबंधित संस्थाओं के प्रबंधन मंडल से प्रस्ताव मंगवाए जाएंगे।
साथ ही संशोधित कैरियर पदोन्नति योजना के तहत उत्तम और अति उत्तम की शर्त की बाध्यता को शिथिल करने का भी आश्वासन दिया गया। इस संबंध में कार्मिक विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।
राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह निगम कार्मिकों की ग्रेच्युटी सीमा को 20 लाख रुपये करने का भी भरोसा दिया। महासंघ को यह आश्वासन दिया गया कि राज्य सरकार के कार्मिकों की तरह अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाएगा।
वार्ता में महासंघ की ओर से महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुसाईं, महासचिव वीएस रावत, विपिन बिजल्वाण, दिनेश पंत, अशोक कुमार, अनुराग नौटियाल, केपी सिंह, अश्वनी त्यागी, रामकुमार, ईश्वर पाल शर्मा, सुभाष नौडियाल, अरविंद सजवाण के अलावा शासन से प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा, सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य नीतिश झा, अपर सचिव कार्मिक एसएस वल्दिया, अपर सचिव उद्योग उमेश नारायण पांडेय, अपर सचिव परिवहन हरि चंद्र सेमवाल समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इन मुद्दों पर 25 को बैठक
वार्ता में तय हुआ कि परिवहन निगम का शासन पर अवशेष भुगतान, पर्वतीय मार्गों निगम को हो रही हानि की प्रतिभूति शासनादेश के अनुरूप करने, 424 संविदा परिचालकों की भर्ती पर लगी रोक हटाने, संविदा चालकों की भर्ती करने, परिसंपत्तियों के बटवारे एवं कुमाऊं के अधिसूचित मार्गों पर प्राइवेट आपरेटरों को परमिट जारी करने की अधिसूचना निरस्त करने की मांग पर 25 जनवरी को सचिव परिवहन के साथ बैठक बुलाई गई है।