टनकपुर-पूर्णागिरि सड़क: दूसरे दिन भी बंद रहा यातायात, चीन सीमा को जोड़ने वाली तीन सड़कें भी बंद
पूर्णागिरि धाम में फंसे यात्रियों के लिए मंदिर समिति और धर्मशाला संचालकों ने निशुल्क भोजन और रहने की व्यवस्था की।
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टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया भारी पत्थर दूसरे दिन भी नहीं हटाया जा सका। विभाग ने जेसीबी से सड़क पर आए मलबे हटाने का काम तो शुरू कर दिया है। लेकिन बगैर ब्रेकर मशीन के इन पत्थरों को हटा पाना संभव नहीं है।
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सड़क बंद होने से पूर्णागिरि धाम में फंसे श्रद्धालुओं को सोमवार को पैदल रास्ते से निकाला गया। वहीं, पूर्णागिरि धाम में फंसे यात्रियों के लिए मंदिर समिति और धर्मशाला संचालकों ने निशुल्क भोजन और रहने की व्यवस्था की।
इधर, नैनीताल-भवाली रोड पर कैलाखान के समीप नगर पालिका के ईओ अशोक कुमार वर्मा की गाड़ी पर पहाड़ी से बड़ा बोल्डर गिर गया। इससे उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया। ईओ और उनका चालक इस हादसे में बाल-बाल बच गए।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को भारतोली और धौन के पास मलबा आने से चार घंटे यातायात ठप रहा। सैकड़ों यात्री घंटों फंसे रहे। मलबे से चंपावत जिले की चार ग्रामीण सड़कें बंद हैं। भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले की नदियां और गाड़-गधेरे उफान पर हैं।
चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला, धारचूला-तवाघाट और सोबला-दर-तिदांग सड़क कई जगह बंद हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली नौ सड़कें भी बंद हैं। इन सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है।
खेत मलबे से पट गए
नाचनी-मुनस्यारी सड़क हरड़िया नया बस्ती के पास मलबा आने से बंद हो गई। सड़क को कई बार खोला गया और यह फिर बंद हो गई। चौथी बार इसे खोलते समय डोजर ऑपरेटर जमन सिंह चोटिल हो गए। जमन सिंह और एक अभियंता 15 दिन पूर्व भी पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गए थे।
बागेश्वर जिले में मलबे से पांच ग्रामीण सड़कों पर यातायात बाधित रहा। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से गरुड़ क्षेत्र के कई गांवों की बिजली घंटों बंद रही। बारिश से कपकोट के बास्ती में कृषि भूमि को जबरदस्त नुकसान हुआ है। खेत मलबे से पट गए हैं।
अल्मोड़ा में सोमवार को भी पूरे दिन बारिश होती रही। यहां बीते 24 घंटों में 29 मिमी बारिश हुई। इस दौरान दो ग्रामीण मोटरमार्ग बंद हो गए। नैनीताल में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। नैनीताल आए पर्यटकों को भी भारी फजीहत झेलनी पड़ी। नैनीझील का जलस्तर भी पांच इंच बढ़ने के बाद सात फीट 10 इंच पहुंच गया है।
नगर में 24 घंटे के भीतर 64 मिमी बारिश हो चुकी है। जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार एक राज्य मार्ग समेत कुल छह मार्गों में यातायात पूरी तरह से बंद है। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर बल्दियाखान के पास पहाड़ी से मलबा आ गया, जिससे यातायात कुछ देर तक प्रभावित रहा। पत्थरों ने हनुमान मंदिर के पास में बने टिनशेड को भी नुकसान पहुंचाया है।
भीमताल-रानीबाग मार्ग के बंद होने के चलते उक्त मार्ग का यातायात ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच में सुचारू होने से शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। वहीं वीरभट्टी बेली ब्रिज में दिन भर वाहनों का रुकरुक कर आवागमन होने से भी जाम लगता रहा।