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उत्तराखंड: MBBS दाखिले का नियम बदला, दस्तावेज सत्यापन पूरा होने तक अस्थायी रहेगा एडमिशन, कॉलेजों को नोटिस

Sat, 19 Sep 2026 06:20 PM IST
Renu Saklani अंकित यादव, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
अंकित यादव, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Sat, 19 Sep 2026 06:20 PM IST
सार

एमबीबीएस में दाखिले के लिए जमा प्रमाणपत्रों में अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब दस्तावेजों की पूरी जांच और सत्यापन होने तक मेडिकल कॉलेजों में छात्रों का दाखिला अंतिम नहीं माना जाएगा।

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Uttarakhand MBBS Admission Rules Changed Medical College Admission read All Updates in hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उत्तराखंड में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों के दाखिले दस्तावेज के सत्यापन होने तक प्रोविजनल यानि अस्थायी माने जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों को नोटिस दिया है। मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर दस्तावेज की जांच करेंगे।

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जानकारी के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से यह निर्णय तब लिया गया है जब एमबीबीएस में दाखिले के लिए जमा किए गए प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। अलग-अलग जिलों में प्रशासन की ओर से भी कार्रवाई की जा रही है। फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में कई जनसेवा केंद्रों को सील भी किया गया है। ऐसे में नया नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि आगामी सत्रों में इस तरह की अनियमितताओं पर विराम लगाया जा सके। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में राज्य कोटे से एमबीबीएस की 85 प्रतिशत और बाहरी राज्यों की 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षित सीटें 50-50 प्रतिशत हैं।

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राज्य कोटे से दाखिला लेने वालों को स्थायी निवास प्रमाणपत्र देना पड़ता है। इसके अलावा जातिगत और आर्थिक आरक्षण के लिए भी प्रमाणपत्र जमा करवाने पड़ते हैं। अब विश्वविद्यालय स्तर पर प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर सीट आवंटित की जाती थी। अब मेडिकल कॉलेज भी अपने स्तर पर सत्यापन करेंगे। विश्वविद्यालय की ओर से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद अगर कॉलेज स्तर से कोई कमी पकड़ी जाती है तो उन छात्रों का दाखिला रद्द कर दिया जाएगा।

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अलग सेल बनाने की सिफारिश

एमबीबीएस छात्रों के स्थायी निवास, जाति और आर्थिक से जुड़े से भी प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए कॉलेज में एक अलग समिति बनाई जाएगी। समिति के सदस्य आवश्यकता पड़ने पर भौतिक परीक्षण के लिए छात्रों के घर तक भी जा सकेंगे। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों में इसके लिए एक अलग समिति बनाने की भी सिफारिश की गई है। सभी मेडिकल कॉलेजों को नोटिस जारी कर इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

नीट काउंसलिंग के दो राउंड पूरे

जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड में नीट काउंसलिंग के दो राउंड पूरे हो चुके हैं। अब तीसरा और चौथा राउंड जल्द ही पूरा किया जाएगा। तीसरे राउंड तक अधिकतर सीटें पूरी हो जाएंगी। अब तक जिन छात्रों को काउंसलिंग के बाद सीट आवंटित की गई है उनके दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर दस्तावेज सत्यापित कर रहा है।

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प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए विभाग की ओर से नियम बदले गए हैं। एमबीबीएस छात्रों के दस्तावेज का सत्यापन पूरा होने तक उनका दाखिला अस्थायी माना जाएगा। इसकी जांच के लिए कॉलेजों को समिति बनाने के भी निर्देश दिए हैं। -डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा विभाग

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