10 घंटे तक छिपाए रखी मेजर विभूति की शहादत की खबर, पीछे है भावुक कारण
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शहीद मेजर विभूति की शहादत की खबर 10 घंटे तक छिपाई रखी गई। इसके पीछे कारण बेहद भावुक करने वाला है।
दरअसल, शहीद मेजर विभूति की शहादत की खबर मां से दस घंटे तक छिपाए रखी गई। हालांकि देर शाम जब मेजर की पत्नी निकिता और मामा आरएम पोखरियाल देहरादून पहुंचे तो इसके बाद उन्होंने शहादत की खबर बताई। खबर सुनने के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहीद मेजर विभूति की शहादत की खबर सोमवार को सुबह करीब पौने दस बजे आई। उनकी मां सरोज ढौंडियाल बीमार हैं। वह दिल की मरीज हैं। उनका इलाज चल रहा है। इस वजह से पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मां को यह खबर नहीं सुनाई। दिनभर बीत गया। मां को केवल इतना पता था कि उनके बेटे के पैर में गोली लगी है। वह अस्पताल में भर्ती है।
मां बेटे के ठीक होने की दिनभर करती रही दुआएं
मां उसके ठीक होने की दिनभर दुआएं करती रही। उन्हें नहीं पता था कि वह बेटा अब कभी नहीं आएगा। शाम को करीब आठ बजे मेजर विभूति की पत्नी और मामा घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शहादत की खबर बताई तो पूरे घर में कोहराम मच गया।
बहन के नहीं निकल रहे आंसू
मेजर विभूति की एक बहन शाम को पार्थिव शरीर के पास आकर खड़ी हो गई। उसी आंखों में एक सवाल था। वह ताबूत में अपने भाई का शरीर मानने को तैयार नहीं थी। आसपास खड़े रिश्तेदारों ने समझाया। बहन ने ताबूत को हाथ से छुआ लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वह गहरे सदमे में है। रो नहीं पा रही है।