Uttarakhand Lockdown: किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं पूर्व सैनिक,पॉलीक्लीनिक या एमएच से इजाजत की जरूरत नहीं
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इलाज के लिए ईसीएचएस (एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटी हेल्थ स्कीम) से जुड़े पूर्व सैनिक फिलहाल किसी भी निजी अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें न तो सेना अस्पताल और न किसी पॉलीक्लीनिक से अनुमति लेनी की जरूरत है। बाद में उन्हें इलाज का पूरा खर्च वापस मिल जाएगा। लॉकडाउन के चलते ईसीएचएस मुख्यालय ने पूर्व सैनिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराई है।
दरअसल, ईसीएचएस से कई निजी अस्पताल जुड़े हैं। अभी तक यह नियम है कि अगर कोई पूर्व सैनिक एमएच से इलाज नहीं कराना चाहता तो उसे एमएच या पॉलीक्लीनिक से ईसीएचएस के पैनल से जुड़े अस्पताल में रेफर कराना होता है। बाहर से दवा आदि खरीदने के लिए भी पहले पॉलीक्लीनिक से काउंटर साइन कराने होते हैं।
लॉकडाउन में ईसीएचएस ने पहले पूर्व सैनिकों को एक माह और अब 31 मई तक बाहर से दवा खरीदने की अनुमति दी है।
यानी गंभीर रोगी पहले के पर्चों पर बाहर से दवा खरीद सकते हैं। इसका उन्हें बाद में पैसा रिफंड हो जाएगा। दवा के बाद अब ईसीएचएस ने पूर्व सैनिकों को ईसीएचएस के पैनल के अस्पतालों के साथ ही अन्य किसी भी निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा प्रदान की है। अभी तक बाहर से इलाज के लिए एमएच या पॉलीक्लीनिक से रेफर कराना जरूरी होता था।
पढ़ें...अन्य जगह के खास अपडेट
-देहरादून जिला प्रशासन कोरोना वायरस के संदिग्ध 150 मरीजों को क्वारंटीन कर वापस उनके जिले व राज्य भेज चुका है। वहीं, अब प्रशासन दूसरे राज्यों में फंसे जिले के लोगों को वापस लाने की तैयारी में जुट गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों को समन्वय बनाकर दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को जल्द वापस लाने के निर्देश दिए हैं।
-उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में गुरुवार को कोरोना संक्रमित दो मामले सामने आए हैं। संक्रमित मरीजों को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में भर्ती किया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 57 हो गई है।
- पौड़ी जिले में स्थित श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में गुरुवार से कोरोना सैंपल जांच लैब शुुरु हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लैब का उद्घाटन किया।
- दून मेडिकल अस्पताल की एक महिला सफाई कर्मचारी को कोरोना होने की अफवाह उड़ाने पर सफाई कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने अस्पताल में सफाई ठप कर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के पुलिस से बात कर पोस्टर हटवाने एवं ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए कहने पर कर्मचारी शांत हुए। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे के बाद काम पर लौट आए।
- बुधवार को ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में एक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद आज सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। शहर में आवाजाही बेहद कम दिखी। नगर का मोहल्ला राजीवनगर को सील कर दिया है। पुलिस बल तैनात रहेगा। बृहस्पतिवार को सुबह एएसपी राजेश भट्ट, एसडीएम एपी वाजपेई, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, कोतवाल एनबी भट्ट ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन ने मोहल्ले को सैनिटाइज किया। ट्रक के परिचालक के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलते ही कृषि मंडी में काम करने वाले दुकानदार तथा पल्लेदारों में हड़कंप मचा है। कृषि मंडी में फैला सन्नाटा है। पुलिस ने दो पीआरडी जवानों सहित 14 लोगों को पंतनगर क्वारंटीन सेंटर भेजा है।
- आज से नगर निगम क्षेत्र देहरादून में फैक्ट्रियों के साथ ही पंखे और किताबों की दुकानें कुछ शर्तों के साथ खुलीं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए बुधवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
- पिथौरागढ़ के जीआईसी और महाविद्यालय में रह रहे नागरिकों को वतन वापसी का बेसब्री से इंतजार है। उनके चेहरे की ख़ुशी साफ देखी जा सकती है। नेपाल देश ने इनके लिए वतन वापसी के दरवाजे खोल दिये हैं। सभी पिथौरागढ़ प्रशासन का आभार जाता रहे हैं। राहत शिविर में रुके हुए नेपाली नागरिकों को बस द्वारा बॉर्डर पर भेजा गया।
- रुड़की के ग्राम नगला इमरती में एक महिला जो कि एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी, उसके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस गांव को क्लस्टर कनटेंमेंट जोन घोषित किया गया है। यहां सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे और आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी।
- ऋषिकेश में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद बुधवार को एक और कॉलोनी शिवा एन्क्लेव को सील कर दिया है। एम्स में कोविड 19 वार्ड से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों और यहां भर्ती 256 मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ की ठहराने के लिए करीब 10 होटलों और धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर लिया है। एम्स में तीन दिन के भीतर चार कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तीर्थनगरी का माहौल एकदम से बदल गया है। सड़कों का सन्नाटा बता रहा है कि अब जाकर लोग कोरोना की हकीकत से वाकिफ हो रहे हैं।