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Uttarakhand Lockdown: प्राइवेट स्कूलों को फीस माफ करने के लिए नहीं कहेगी सरकार - शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे

Tue, 21 Apr 2020 10:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 21 Apr 2020 10:46 PM IST
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Uttarakhand Lockdown: Education Minister Arvind Pandey live in dehradun amar ujala facebook page today
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे - फोटो : फाइल फोटो

प्रदेश सरकार राज्य के प्राइवेट स्कूलों को फीस माफ करने के लिए नहीं कहेगी। सरकार की फीस माफ करवाने की कोई योजना भी नहीं है। इसके बजाय जो अभिभावक सक्षम हैं, उन्हें स्कूल की फीस जमा करवानी चाहिए। स्कूल स्टाफ और शिक्षकों के परिवारों के बारे में भी सोचना होगा, जो इसी फीस से मिलने वाली तनख्वाह पर निर्भर हैं। अमर उजाला देहरादून के फेसबुक पेज https://www.facebook.com/AuNewsDehradun/ पर लाइव में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार, मुख्यमंत्री और विभाग एकदम स्पष्ट हैं।

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सभी निजी स्कूलों से हमने अनुरोध किया कि इस वर्ष फीस बढ़ोत्तरी न करें। तीन महीने की फीस एक साथ जमा कराने के लिए दबाव न बनाएं। आज दो अभी दो ऐसा भी नहीं होना चाहिए। प्राइवेट स्कूल फीस माफ करें, ऐसा हमारी ओर से कोई प्रावधान नहीं है। हम आगे भी इसे नहीं करेंगे। दूसरी तरफ जो लोग सक्षम और सामर्थ्यवान हैं, जिनको महीने की पूरी तनख्वाह मिल रही है, उन्हें ईमानदारी से अपने बच्चों की फीस देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थितियां जरूर खराब हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कोई भी फीस नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि हमें स्कूलों में नौकरी करने वाले हजारों लोगों और उनके परिवारों के बारे में भी सोचना होगा।
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हजारों लोगों ने देखा वीडियो
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे से बातचीत का फेसबुक लाइव हजारों लोगों ने लाइव। जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने उसके बाद भी वीडियो देखा। देर रात तक 19 हजार से अधिक लोग वीडिया देख चुके थे।
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कर्मचारी की तनख्वाह न काटें स्कूल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी स्कूल शिक्षकों व स्टाफ की तनख्वाह न काटे। ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के बजाय मैं हाथ जोड़कर निवेदन करता हूूं। इसके बाद भी अगर कोई स्कूल कर्मचारियों की तनख्वाह काटता या कम करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का विकल्प भी खुला है।

दूरदर्शन के जरिए बच्चों को पढ़ाएगी सरकार

स्कूली बच्चों की पढ़ाई बुधवार से दूरदर्शन के जरिये होगी। ऑनलाइन एजुकेशन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। अमर उजाला फेसबुक लाइव में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाने का सिस्टम पूरे प्रदेश के अंदर सफल नहीं कहा जा सकता। इस बात को मैं स्वीकार करता हूं। इसलिए हम दूरदर्शन के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करेंगे। विद्यालयी शिक्षा के विशेषज्ञ इस काम में लग रहे हैं। इससे बच्चों का वक्त भी बर्बाद नहीं होगा और कोर्स की पढ़ाई भी चलती रहेगी।

मोबाइल और इंटरनेट से पढ़ाने पर कुछ दिक्कतें हैं। दूरदर्शन सभी जगह देखा जा सकता है, इसलिए हम इसका उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से पढ़ाई को जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई दूरदर्शन के माध्यम से पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने दूरदर्शन पर प्रसारित हो रहे रामायण, महाभारत जैसे धारावाहिक देखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इसको देखने से बच्चों का नैतिक बल मजबूत होगा और जीवन में आगे बढ़ने की सीख मिलेगी। जिंदगी कैसे जी जाती है? अच्छे बुरे वक्त में कैसे निर्णय लिए जाते हैं? रिश्ते नाते क्या होते हैं? समाज के प्रति क्या दायित्व होते हैं? व्यक्ति कैसा होना चाहिए? राष्ट्र निर्माण में ये बातें लागू होती है, बच्चों को ये सब बातें सीखनी चाहिए।

समय पर आएगा बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा का परिणाम जून अंत तक जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकांश पेपर हो चुके हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 दिन की तैयारी का वक्त देकर हम पेपर करवा देंगे। उन्होंने कहा कि मैंने अधिकारियों को अपनी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

गर्मियों व जाड़ों की छुट्टी में कटौती!
लॉकडाउन के कारण शैक्षणिक सत्र का काफी समय बर्बाद हो गया है। इसलिए गर्मियों और जाड़ों की छुट्टियों में कटौती भी की जा सकती है। अरविंद पांडे ने कहा कि लॉकडाउन कब समाप्त होगा, इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा। उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।

तय समय पर होंगे ट्रांसफर, प्रमोशन
उन्होंने कहा कि सोमवार को ही मेरी शिक्षा सचिव से बातचीत हुई। मैंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में ही शिक्षकों व अन्य स्टाफ के ट्रांसफर, प्रमोशन पर होमवर्क पूरा कर लेना चाहिए। ताकि जब बढ़ाई का वक्त हो, उस समय इन सब प्रक्रियाओं में सत्र डिस्टर्ब न हो। हम कोशिश कर रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान इस सब समस्याओं का समाधान निकाल लें।

योग्यता पूरी करने वालों को मिलेगी नियुक्ति
औपबंधिक शिक्षकों की नियुक्ति हमने की है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार का साफ कहना है कि शिक्षक योग्य और प्रशिक्षित होना चाहिए। डीएलएड और टीईटी होना चाहिए। औपबंधिक शिक्षकों को हमने कहा है कि दो साल का वक्त है। वे डीएलएड और टीईटी करें। हमारे यहां तो रोक है ही नहीं। मात्र डीएलएड करने से शिक्षक नहीं बन पाएंगे। डीएलएड के बाद टीईटी करना ही होगा। उसके बाद मेरिट में आए तो नियुक्ति मिलेगी। योग्यता पूरी करनी ही पड़ेगी।

शिक्षकों के अन्य मुद्दों पर भी बोले
कनिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षकों की वेतन विसंगति के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं चल रहा है। लेकिन शिक्षकों के सुझाव पर वे इसकी समीक्षा करेंगे। एलटी से प्रवक्ता के 1949 पदों पर पदोन्नति, जिनकी डीपीसी हो चुकी है। उनकी सूची तैयार की जा रही है।

अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने पर विचार

अरविंद पांडे ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का 15 हजार वेतन कम है, इस बात से वो खुद भी सहमत हैं। उन्होंने कहा कि मैंने खुद मुख्यमंत्री से इस बारे में बात की है। अतिथि शिक्षकों का वेतन बढ़ाने के मामले में सरकार विचार कर रही है। हम कोशिश करेंगे कि उनके लिए कुछ अच्छा कर सकें। उनकी नियुक्ति प्रक्रिया के सवाल पर उन्होंने माना कि लॉकडाउन से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती होनी है। हम लॉकडाउन की अवधि में ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी विभागीय तैयारी पूरी कर रहे हैं ताकि स्थितियां सामान्य होते ही तुरंत नियुक्तियां की जा सके।

छोटे नुकसान न देखें अभिभावक
शिक्षामंत्री ने कहा कि अभिभावक इस वक्त ये न सोचें कि बच्चे का 15 दिन-एक महीने की पढ़ाई का नुकसान हो गया। जान है तो जहान है। सब सुविधाएं मिलेंगी और बच्चे आगे बढ़ेंगे। लेकिन ये वक्त संयम दिखाने का है। आप सब लोग अपने घरों के भीतर ही रहें। सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करें। मजबूरी में घर से बाहर जाना पड़े तो गाइडलाइन को मानें।
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