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Coronavirus Uttarakhand: इस बार देवभूमि के देवता भी रहेंगे लॉकडाउन, ऐसे बनेगी सोशल डिस्टेंसिंग 

Sun, 12 Apr 2020 06:24 PM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 12 Apr 2020 06:24 PM IST
सार

  • कोरोना वायरस के चलते इस बार नहीं आयोजित होंगे मेले समितियों ने लिया फैसला

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Uttarakhand lockdown: Dev Doli will not take Bath in Ganga river this year
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

तीर्थ नगरी हरिद्वार में गंगा का पानी अमृत के समान स्वच्छ और पवित्र हो गया है। लेकिन उसके निर्मल जल में डुबकी लगाने का सौभाग्य न तो भक्तों को न ही ग्राम देवताओं को मिल पाएगा। पूरे विश्व में मानव जीवन के लिए खतरा बने कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए देवभूमि उत्तराखंड के कई गांवों में ग्राम देवता भी लॉकडाउन में रहेंगे। कई स्थानों पर पहली बार ऐसा होगा जब ग्राम देवता की डोली हरिद्वार आकर गंगा में स्नान नहीं करेगी।

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कई गांवों की मंदिर समितियां ग्राम देवता को बाहर न निकालने और मेलों का आयोजन न करने का निर्णय ले चुकी है। वैशाखी पर्व पर पहली बार ग्राम देवता बाहर निकलते हैं। धार्मिक रीति रिवाज से उनका पूजन होता है।
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उनकी डोली गांव-गांव जाती हैं लोग देवता का आशीर्वाद लेते हैं। देवता को स्थानीय नदियों में स्नान कराने की परंपरा भी है। लेकिन जौनपुर, नैनबाग, टिहरी के कई गांवों में ग्राम देवताओं की डोली हरिद्वार हर की पौड़ी में स्नान के लिए आती हैं। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से भी लोग देवताओं के गंगा स्नान के लिए हरिद्वार लेकर आते हैं। यह देखना अनोखा है कि कोरोना संकट के बीच दशकों में पहली बार गंगा स्वच्छ और निर्मल दिखाई दे रही है।
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श्री गंगा सभा के सदस्य उज्ज्वल पंडित कहते हैं, जो कार्य अरबों रुपये की अभियान में नहीं हुआ, वह लॉकडाउन में हो गया। आज गंगा इतनी स्वच्छ है कि एक सिक्का नदी में फेंक दें तो वह जल में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। गंगा का पानी वास्तव में अमृत हो गया है। मगर दुर्भाग्य कि इस बार किसी को भी मोक्ष की डुबकी लगाने का सौभाग्य नहीं मिल पाएगा। देवी-देवताओं की डोलियों की चहल पहल भी नहीं होगी।

उधर, टिहरी के कई गांवों में मंदिर समितियां यह तय कर चुकी हैं कि इस बार ग्राम देवता बाहर नहीं निकाले जाएंगे। मंदिर के भीतर ही उनके पूजन की रस्म निभाई जाएगी। शासन और प्रशासन की ओर से भी मंदिर समितियों और पुरोहित-पुजारियों को जागरूक किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यह जरूरी है कि सामाजिक दूरी बनें।

इसलिए खतरे से बचाव के लिए ग्राम देवताओं की डोली और मेलों का आयोजन नहीं होगा। पुलिस भी मंदिर और मेला समितियों के लोगों से अपील कर रही है कि इस धार्मिक उत्सवों को टाल दिया जाएगा।

कोविड 19 के खतरे को देखते हुए मंदिर और मेला समिति इस बार लॉक डाउन का पालन करेगी। नाग देवता को मंदिर से बाहर नहीं निकाला जाएगा। न डोली निकलेगी न मेले का आयोजन होगा।
- अनिल नौटियाल, प्रधान बेट ग्राम पंचायत, दसज्यूला पट्टी, टिहरी गढवाल

गांवों में पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ मंदिर समिति के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि ग्राम देवता मंदिर में विराजमान रहेंगे। इस बार देवता को स्नान कराने बाहर लेकर न जाया जाएगा न ही उनकी डोली निकलेगी। पूरी पट्टी में सामाजिक दूरी बनाने के लिए मेले का आयोजन भी नहीं होगा।
- दिनेश तोमर, सदस्य भद्रराज देवता समिति, टिहरी गढ़वाल

कोविड 19 से बचाव को लेकर केंद्र सरकार ने जिन कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगाई है, उनमें धार्मिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। वैशाखी पर्व घरों में मनाएंगे। 14 अप्रैल तक प्रदेश में लॉक डाउन है। आगे जो भी स्थिति बनेगी, उसी के हिसाब से तय होगा। लेकिन अभी लॉक डाउन हैं और सभी को सामाजिक दूरी का पालन करना है।
- अशोक कुमार, डीजीपी (कानून व्यवस्था)

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