Lockdown: कंटेनमेंट जोन से मुक्त हुई देहरादून की कारगी ग्रांट बस्ती, निजी अस्पताल के डॉक्टर समेत 23 कर्मी क्वारंटीन
- मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने दिए आदेश
- बीते चार अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद पाबंद की गई थी कॉलोनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले सामने आने के बाद पाबंद की गई कारगी ग्रांट बस्ती को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। रविवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद इसके आदेश जारी किए।
बता दें कि बीते चार अप्रैल को कारगी ग्रांट बस्ती में कोरोना पॉजिटिव का मामला सामने आया था। जिसके बाद इसे सील कर दिया गया था। 28 दिन तक रोजाना यहां के लोगों का सामुदायिक निरीक्षण किया गया, लेकिन कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया। जिसके बाद जिलाधिकारी ने कारगी ग्रांट बस्ती क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन से बाहर करने का निर्णय लिया। बता दें कि कॉलोनियों से इस सप्ताह से लगी रोक हटने लगेगी।
मौजूदा समय में पाबंद कॉलोनियों में देहरादून की चार,ऋषिकेश की तीन तथा डोईवाला की दो कॉलोनियां शामिल हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीषकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में पाबंद की गई कॉलोनियों में अगले कुछ दिनों में मामला सामने नहीं आता है तो 28 दिन की समयसीमा पूरी होने पर उन्हें कंटेनमेंट जोन से बाहर कर दिया जाएगा।
बता दें कि कोरोना पॉजिटिव मामले आने के बाद इन कॉलोनियों को पाबंद कर दिया गया था। जिसके बाद यहां आने-जाने वालों रोक लगा दी गई थी। जिला प्रशासन की ओर से यहां आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही थी।
निजी अस्पताल के डॉक्टर समेत 23 कर्मी क्वारंटीन
कोरोना पॉजिटिव पाए गए बुजुर्ग के संपर्क में आए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के एक डॉक्टर समेत 23 कर्मचारियों को होम क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग सभी के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजेगा।
माजरा स्थित चमन विहार कॉलोनी में कोरोना संक्रमित पाए गए बुजुर्ग इलाज के लिए दिल्ली जाने से पहले 24 अप्रैल को पटेलनगर स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुंचे थे। वह कैंसर से भी पीड़ित हैं। दिल्ली में उनमें कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इस बीच वह देहरादून आ गए और स्वास्थ्य विभाग को खुद के कोरोना संक्रमित होने की सूचना दी।
उसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। इसके सूचना मिलते ही श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबंधन ने एहतियात डॉक्टर समेत 23 कर्मियों को होम क्वारंटीन कर दिया है। डॉक्टरों की एक टीम इन पर निगरानी रखेगी।
अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि 24 अप्रैल को मरीज पेट एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ के पास ओपीडी में दिखाने पहुंचे थे। उनके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाई है। डॉक्टर, उनके सहायक स्टाफ, नर्स, पंजीकरण कर्मचारी, फार्मेसिस्ट समेत 23 को होम क्वारंटाइन कर दिया है। इसके अलावा अस्पताल को सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। सीएमओ को इसकी जानकारी दे दी है।