Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन की वजह से घरों में जनता, लेकिन सड़कों पर मदमस्त घूम रहे गजराज
- रात करीब 12.30 बजे बिल्वकेश्वर कॉलोनी के पास से शहर में आए दोनों
- सुनसान सड़कों पर कई घंटे चहलकदमी, वनकर्मियों ने बमुश्किल जंगल में खदेड़ा
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कोरोना के डर से लॉकडाउन के दौरान इंसान जहां एक तरह से अपने घरों में ‘कैद’ है तो वहीं बृहस्पतिवार रात शहर की सड़कों पर जंगली जानवरों का ‘राज’ नजर आया। सुनसान शहर में इंसानी हरकत न के बराबर दिखी तो गजराज जंगल से बाहर निकलकर सड़कों पर घूमते नजर आए।
सड़क से लेकर रेलवे लाइन तक पर गजराज ने चहलकदमी की। ऐसे माहौल में बारहसिंगा भी कहां पीछा रहने वाला था, उसने भी सड़कों पर फर्राटा भरा। दूसरी ओर, शिवालिक नगर में एक मकान के बाथरूम से जहरीला ब्लैक कोबरा भी पकड़ा गया।
आबादी में घुसे दो हाथी, गंगा में लगाई डुबकी
शिवालिक पर्वत श्रृंखला से निकलकर शहर में आ धमके गजराज ने हरकी पैड़ी से लेकर पूरे शहर में रातभर धमाचौकड़ी मचाई। हरकी पैड़ी से सटे मालवीय द्वीप में हाथी ने गंगा में डुबकी भी लगाई। वह पूरे शहर में यहां से वहां दौड़ता नजर आया। वनकर्मियों ने उसे बमुश्किल जंगल में खदेड़ा। बृहस्पतिवार रात करीब 12.30 बजे बिल्वकेश्वर कॉलोनी के पास एक हाथी जंगल से बाहर आ गया। यहां से वह रेलवे ट्रैक से होकर ज्वालापुर की ओर चल पड़ा।
ट्रैक पर करीब तीन किमी चलते हुए हाथी ज्वालापुर गोल गुरुद्वारे के सामने घनी आबादी क्षेत्र तक आ पहुंचा। सूचना पर हरिद्वार वन प्रभाग के रेंजर दिनेश नौटियाल मौके पर पहुंचे। वन विभाग के कर्मचारी नंदकिशोर, विपिन, संतन सिंह नेगी आदि ने दो-तीन घंटे बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। इसी बीच बिल्वकेश्वर कॉलोनी के पास से दूसरा जंगली हाथी हरकी पैड़ी क्षेत्र तक जा पहुंचा। हाथी देख यहां तैनात पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए।
यहां से हाथी सीधे मालवीय द्वीप पहुंचा और गंगा में उतरकर स्नान का भी लुत्फ उठाया। हल्ला होने पर गंगा घाटों पर सो रहे भिखारी हाथी देख भाग खड़े हुए। पुलिस ने लोगों की मदद से हाथी को खदेड़ना चाहा, लेकिन वह मदमस्त होकर घूमता रहा। पालिका बाजार, बड़ा बाजार, अपर रोड पर भी हाथी की आवाजाही बनी रही। वहीं, हनुमान घाट पर मौजूद तीर्थ पुरोहित मोनू सिखौला के पीछे हाथी दौड़ पड़ा।
करीब दो घंटे उत्पात मचाने के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने हाथी को जंगल में खदेड़ा। इस दौरान उसने घाटों की कई रेलिंग तोड़ दी। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के हरिद्वार रेंजर विकास सैनी ने बताया कि मशक्कत के बाद हाथी को जंगल में खदेड़ा गया। डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि बिल्वकेश्वर कॉलोनी के पास लगी वन और पार्क की आवासीय सीमा पर कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पहली बार हरकी पैड़ी तक पहुंचे गजराज
रेलवे लाइन पर लगाई गजराज ने दौड़
बुधवार देर रात रेलवे लाइन पर भी हाथी दौड़ता नजर आया। भगत सिंह चौक के पास रेलवे पुलिया पर हाथी को दौड़ते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वीडियो में हाथी भेल सेक्टर दो की तरफ जाता दिख रहा है। चर्चा है कि विवेक विहार, गोविंदपुरी, पुराना रानीपुर मोड़ पर भी हाथी घूमता रहा।
बारहसिंगा भी पहुंचा शहर में
हाथी ही नहीं वन्य जीव लगातार शहरी क्षेत्र की तरफ रुख कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह लॉकडाउन के तहत शहर की सड़कों का पूरी तरह से सूना होना है। बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे भी भेल सेक्टर दो में बारहसिंगा घूमता हुआ दिखाई दिया। हालांकि वह कुछ देर बाद खुद ही जंगल में चला गया।
वनकर्मियों ने बाथरूम से पकड़ा ब्लैक कोबरा
शिवालिक नगर में एक मकान के बाथरूम से वन विभाग के कर्मचारियों ने जहरीले ब्लैक कोबरा को पकड़ा है। वन विभाग की टीम ने ढाई घंटे के रेस्क्यू के बाद करीब चार फिट से भी लंबे इस कोबरा को पकड़ने में सफलता पाई। शिवालिक नगर निवासी राजकुमारी ने बुधवार की रात करीब नौ बजे वन विभाग को अपने घर के बाथरूम में एक सांप होने की सूचना दी।
सूचना पर हरिद्वार वन प्रभाग की रेस्क्यू टीम रेंजर दिनेश नौटियाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गई। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग के कर्मचारी भोलानाथ और संतन सिंह नेगी ने सांप को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
रेंजर दिनेश नौडियाल ने बताया कि पकड़ा गया सांप ब्लैक कोबरा है, जो भारत में पाए जाने वाला सबसे जहरीली प्रजाति का सांप है। उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया है।