हरिद्वार: हंसी की दूसरे दिन नहीं हो सकी काउंसिलिंग, अभी भी सड़कों पर भटक रहे हैं मां और बेटे
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हरिद्वार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य के निर्देश के बाद भी समाज कल्याण विभाग हंसी की काउंसिलिंग को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी हंसी की काउंसिलिंग नहीं हो सकी। हंसी और उनका बेटा परीक्षित बृहस्पतिवार को भी सड़कों पर घूमते देखे गए।
कुमाऊं विवि की होनहार और डबल एमए हंसी प्रहरी के धर्मनगरी में भीख मांगने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरिद्वार के कई संगठन और प्रदेश सरकार हंसी प्रहरी की मदद के लिए आगे आई थी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने हरिद्वार पहुंचकर हंसी से मुलाकात की थी। रेखा आर्य ने उनको नौकरी और आवास देने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने पहले हंसी की काउंसिलिंग करने की बात कही थी।
बुधवार को हंसी रोशनाबाद स्थित बाल सुधार गृह पहुंची थी। यहां उन्हें कमरा भी दिखाया गया था और काउंसिलिंग भी हुई थी। बृहस्पतिवार को हंसी के कॉलेज की सीनियर शालिनी नगरकोटी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे उन्हें रोशनाबाद नहीं ले जा सकी।
विभाग ने भी अपनी तरफ से उनको रोशनाबाद लाने की कोई कोशिश नहीं की। बाल सुधार गृह के प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया का कहना है कि बृहस्पतिवार को भी काउंसलर अलका अग्रवाल यहां आई थी। हंसी के नहीं आने के कारण काउंसिलिंग नहीं हो सकी। दूसरी तरफ काउंसलर अलका अग्रवाल का कहना है कि हंसी की स्थिति काफी ठीक है। यदि लगातार उसकी काउंसिलिंग होगी तो वह पूरी तरह से ठीक हो सकती हैं।
मेयर से मिलने पहुंची हंसी
हंसी प्रहरी बृहस्पतिवार को मेयर अनीता शर्मा से मिलने के लिए मायापुर स्थित उनके कार्यालय पहुंची। मेयर अनीता शर्मा ने बताया कि हंसी ने मांग रखी है कि नगर निगम जो आवास देना चाहता है वह उनके नाम पर हो।
हंसी ने बताया कि वह वहां पर रहकर ट्यूशन पढ़ाकर जीवन यापन करना चाहती है। मेयर ने बताया कि हंसी पहले आवास देखना चाहती है। सोमवार को ज्वालापुर के पांडेवाला स्थित आवास हंसी को दिखाए जाएंगे।