उत्तराखंड: श्रम मंत्री हरक सिंह की नाराजगी बरकरार, सीएम से नहीं हुई बात
- सीएम की व्यस्तता को देखते हुए मिलने के लिए आग्रह न करने का दावा
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भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से बाहर हुए श्रम मंत्री हरक सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीच शनिवार को भी कोई बात नहीं हो पाई। रविवार को अब एक समारोह में दोनों नेता एक ही मंच पर उपस्थित होंगे। अपने पूर्व के एलान के मुताबिक हरक सिंह ने शनिवार को भी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे रखी। उनकी नाराजगी बरकरार है।
शुक्रवार को हरक सिंह ने कहा था कि वे 2022 का चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उनकी इस घोषणा को कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से बाहर हो जाने से उपजी नाराजगी से जोड़ कर देखा गया। हरक के निकटस्थ लोगों के मुताबिक नवरात्र और दशहरे की व्यस्तता को देखते हुए सीएम से मिलने के लिए आग्रह नहीं किया गया। साफ है कि इस मामले को लेकर हरक भी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर जल्दबाजी में नहीं है।
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दूसरी और, 25 अक्टूबर को एक वेलनेस सेंटर के उद्घाटन में दोनों ही नेता आमंत्रित हैं। एक जगह और एक ही मंच पर होने की वजह से दोनों में बातचीत होना संभव भी है। वहीं, इस बात की संभावना अधिक है कि सार्वजनिक रूप से दोनों नेता इस मामले को लेकर बात करने से बचेंगे।
श्रम विभाग की बैठक निरस्त, हरक ने बनाई दूरी
श्रम मंत्री हरक सिंह ने श्रम विभाग से भी फिलहाल दूरी बना ली है। शासन स्तर पर शुक्रवार को प्रस्तावित श्रम विभाग की बैठक को श्रम मंत्री ने खुद की निरस्त कर दिया। उनका कहना था कि बोर्ड के मामले में सीएम से बात करने के बाद ही वह कोई और फैसला लेंगे।
कांग्रेस ने सीएम पर साधा निशाना
सारे मामले को लेकर कांग्रेस के निशाने पर सीएम हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि यह मामला सत्ता पक्ष के नेतृत्व की विफलता का है। प्रीतम के मुताबिक सत्ता पक्ष अपने मंत्री के साथ ही बेहतर व्यवहार नहीं कर पा रहा है। मंत्री को बताए बिना बोर्ड का पुनर्गठन हो रहा है। इससे पहले रेखा आर्य और एक अफसर का विवाद भी सामने आया था। सत्ता पक्ष के विधायक खुलकर अपनी सरकार की किरकिरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री को देखना चाहिए कि उनके एक वरिष्ठ मंत्री को इस तरह से दरकिनार न किया जाए।
हरक सिंह नाराज नहीं मैं बात करूंगा : भगत
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत नाराज नहीं हैं। उन्होंने अपने मन की बात कही है और आदर्श दिखाया है कि वह दूसरों को मौका देना चाहते हैं। फिर भी यदि कोई मसला है तो वह हरक सिंह को बुलाकर उनसे बात करेंगे।
भगत प्रदेश पार्टी कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के 2022 का विधानसभा चुनाव न लड़ने के बयान को उनकी नाराजगी से जोड़े जाने पर उन्होंने कहा कि यह नाराजगी नहीं है। नाराजगी दो कारणों से जाहिर होती है।
पहला बयान से और दूसरा चेहरे से। हरक सिंह ने तो अपने मन की बात कही है। उनका बयान कहीं से भी पार्टी लाइन से बाहर नहीं है। उन्होंने अपनी निजी इच्छा जाहिर की है कि वह 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जो भी आदेश करेगी, उसका पालन करेंगे। भगत ने कहा कि वह हरक सिंह को बुलाएंगे और उनसे बात करेंगे।