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उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को मिली जमानत, अब 18 दिसंबर को होगी सुनवाई
Fri, 04 Dec 2020 09:48 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 04 Dec 2020 09:48 PM IST
सार
- सजा के विरुद्ध अपर जिला जज न्यायालय में की याचिका दायर
- विस 2012 चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन का मामला
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हरक सिंह रावत
- फोटो : ANI
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विस्तार
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने वर्ष 2012 में हुए विस चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दी गई तीन माह की जेल की सजा के विरुद्ध अपर जिला जज न्यायालय में अपील दायर की। कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। मामले में अब 18 दिसंबर को सुनवाई होगी।
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शुक्रवार को जिला न्यायालय रुद्रप्रयाग पहुंचे कैबिनेट मंत्री डा. रावत के अधिवक्ता ने इस वर्ष 10 नवंबर को सीजीएम कोर्ट द्वारा दी गई सजा के विरुद्ध अपर जिला जज कोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता केपी खन्ना ने कहा कि डा. हरक सिंह रावत पर लगाए गए आरोप निराधार है। इसलिए सजा का कोई औचित्य नहीं हैं। कहा कि उन्होंने किसी भी धारा का उल्लंघन नहीं किया है।
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उन्होंने सीजीएम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध याचिका के साथ जमानत की अर्जी भी दाखिल की, जिसे अपर जिला जज नंदन सिंह राणा की अदालत ने स्वीकार किया। उन्होंने डा. रावत को जमानत देते हुए मामले में 18 दिसंबर को सुनवाई तय कर उपस्थिति होने के निर्देश भी दिए।
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मालूम हो विधानसभा चुनाव 2012 में रुद्रप्रयाग विस से चुनाव लड़ने वाले डा. रावत को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बीते 10 नवंबर को जिला कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद अहमद वाहिद ने आईपीसी की धारा 143 (विधि विरुद्ध जमाव) के मामले में दोषी पाते हुए तीन माह की जेल और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
जबकि धारा 147 (विधि विरुद्ध अपराध) और 353 (सरकारी कामकाज में बाधा) में दोषमुक्त कर दिया था। साथ ही मामले में अन्य आरोपी को सभी मामलों में दोषमुक्त कर दिया था।