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माल बरामदगी में देश में दूसरे नंबर पर उत्तराखंड
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देहरादून। लूट और चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी में उत्तराखंड दूसरे नंबर पर है। आपराधिक दृष्टि से भी राज्य का नाम न्यूनतम से चौथे स्थान पर है। पुलिस मुख्यालय ने यह दावा एनसीआरबी के 2017 के क्राइम इन इंडिया के राज्यवार जारी अपराध आंकड़ों के आधार पर किया है।
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के अनुसार एनसीआरबी ने 2017 में पूरे देश में राज्यवार घटित भारतीय दंड संहिता संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। राज्यवार स्थिति में उत्तराखंड अपराध में न्यूनतम से चौथे स्थान पर है। लूटी और चोरी गई संपत्ति का राष्ट्रीय औसत कुल 28.6 प्रतिशत है। इसी अवधि में उत्तराखंड पुलिस ने संपत्ति का कुल 52.7 प्रतिशत बरामद किया। चोरी और लूट में करीब 15.5 करोड़ थी। इसके सापेक्ष 8.2 करोड़ की संपत्ति बरामद हुई। संपत्ति बरामदगी में देशभर में राज्य दूसरे स्थान पर रहा। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश कुल 34.1 प्रतिशत बरामदगी के साथ 12वें स्थान पर रहा। वर्ष 2018 में 65 प्रतिशत की संपत्ति बरामदगी की गई है। मात्र तमिलनाडु राज्य ही उनसे आगे है। डीजी ने बताया कि 2016 में भादवि के 10867 की तुलना में वर्ष 2017 में 12889 अभियोग ही पंजीकृत हुए। 2017 में समय-समय पर कानून व्यवस्था और चुनावों के दृष्टिगत निरोधात्मक कार्रवाई के 15972 अभियोग पंजीकृत किए गए।
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पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के अनुसार एनसीआरबी ने 2017 में पूरे देश में राज्यवार घटित भारतीय दंड संहिता संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। राज्यवार स्थिति में उत्तराखंड अपराध में न्यूनतम से चौथे स्थान पर है। लूटी और चोरी गई संपत्ति का राष्ट्रीय औसत कुल 28.6 प्रतिशत है। इसी अवधि में उत्तराखंड पुलिस ने संपत्ति का कुल 52.7 प्रतिशत बरामद किया। चोरी और लूट में करीब 15.5 करोड़ थी। इसके सापेक्ष 8.2 करोड़ की संपत्ति बरामद हुई। संपत्ति बरामदगी में देशभर में राज्य दूसरे स्थान पर रहा। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश कुल 34.1 प्रतिशत बरामदगी के साथ 12वें स्थान पर रहा। वर्ष 2018 में 65 प्रतिशत की संपत्ति बरामदगी की गई है। मात्र तमिलनाडु राज्य ही उनसे आगे है। डीजी ने बताया कि 2016 में भादवि के 10867 की तुलना में वर्ष 2017 में 12889 अभियोग ही पंजीकृत हुए। 2017 में समय-समय पर कानून व्यवस्था और चुनावों के दृष्टिगत निरोधात्मक कार्रवाई के 15972 अभियोग पंजीकृत किए गए।
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