Investors Summit: निवेशकों ने उत्तराखंड की आबोहवा को हर क्षेत्र में बताया मुफीद, पढ़ें किसने क्या कहा
रियल एस्टेट कारोबारियों ने कहा कि चंडीगढ़ की तर्ज पर गढ़वाल में दून-हरिद्वार-ऋषिकेश ट्राईसिटी और कुमाऊं में हल्द्वानी-पंतनगर-रुद्रपुर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
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वैश्विक निवेशक सम्मेलन में पहुंचे देश दुनिया के निवेशकों में खासा उत्साह दिखा। उन्होंने हर क्षेत्र में प्रदेश की आबोहवा को मुफीद बताया। रियल एस्टेट कारोबारियों ने कहा कि चंडीगढ़ की तर्ज पर गढ़वाल में दून-हरिद्वार-ऋषिकेश ट्राईसिटी और कुमाऊं में हल्द्वानी-पंतनगर-रुद्रपुर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने देहरादून से दिल्ली के बीच सड़क से ढाई घंटे की दूरी और यहां के सुरक्षित माहौल को भी बेहतर बताया। साथ ही सरकार से आह्वान किया कि वह उनके प्रोजेक्ट में पीपीपी मोड के तहत सहभागी बने।
शहरी विकास एवं आवास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी निवेशकों से राज्य में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धरती पर स्वर्ग है। यहां हर साल सात करोड़ की फ्लोटिंग आबादी आती है। आवास एवं विकास मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार दिनेश कपिला ने कहा कि वर्ष 2016 में रेरा कानून के आने के बाद इस सेक्टर को रेगुलेट किया गया। इससे लोगों में अधिक विश्वास पैदा हुआ है। अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली-देहरादून के मध्य इकोनॉमिक कॉरिडोर से दिल्ली-एनसीआर के सबसे करीबी देहरादून को लाभ मिलेगा।
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इस दौरान हुई परिचर्चा में रियल एस्टेट कारोबारी मोहित गोयल ने सुझाव दिया कि चंडीगढ़ ट्राईसिटी की तर्ज पर हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश, कुमाऊं में हल्द्वानी-पंतननगर-रुद्रपुर को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने राज्य में योजनाबद्ध विकास पर जोर दिया। नवीन रहेजा ने कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए सबसे सुरक्षित माहौल प्रदान करने वाला राज्य है। कहा कि हमें नए विकास के साथ ही हरिद्वार, देहरादून के पुनर्विकास पर भी ध्यान देना होगा। गरीबों के लिए सस्ते आवास बनाकर उन्हें बेहतर जीवन देना होगा। कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में आप ज्यादा समय जिंदा नहीं रह सकते, उत्तराखंड सबसे बेहतर विकल्प है। नेथन एंड्रूज ने पहाड़ी शहरों का विकास के तरीकों पर विचार रखे।
अजय अग्रवाल ने कहा कि यहां की कानून व्यवस्था शानदार है। उद्योगों के लिए अच्छा माहौल है। एमार ग्रुप के कल्याण चक्रवर्ती ने कहा कि आमतौर पर मेरी घड़ी में हेल्थ मीटर 65 से 70 रहता है लेकिन दून की आबोहवा का ही असर है कि दो दिन से ये 100 के आंकड़े पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में नेचर ही बॉस है। हमें जो भी करना है, प्रकृति के पीछे रहकर ही करना है। इस दौरान कई निवेशकों ने एमओयू भी साइन किए। परिचर्चा में आवास सचिव एसएन पांडेय, अपर आवास आयुक्त प्रकाश चंद दुम्का, एमडीडीए के सचिव एमएस बर्निया भी मौजूद रहे।
आने वाला समय ई-वाहनों का, उत्तराखंड में निवेश की संभावनाएं
वैश्विक निवेशक सम्मेलन में विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और खूबियों को देश-दुनिया से आने वाले निवेशकों के साथ साझा किया गया। निवेशकों ने कहा, विनिर्माण क्षेत्र देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उत्तराखंड की जीडीपी में ऑटो और फार्मा सेक्टर का 36 प्रतिशत योगदान है। आने वाला समय ई-वाहनों का है। इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य के पास अवसर हैं। सम्मेलन के दूसरे सत्र में मैन्युफैक्चरिंग पर सेक्टोरल सत्र में उद्यमियों ने उत्तराखंड को निवेश का आकर्षक स्थल बताया। सत्र की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, उद्यमी हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं। राज्य के विकास और रोजगार सृजन में उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका है।
कहा, प्रदेश सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 18 माह में नई नीतियों लागू करने के साथ ही कई नीतियों में संशोधन किया है। उद्यमियों और निवेशकों के सुझावों के आधार पर नीतियों में बदलाव किया है। उन्होंने निवेशकों से पहाड़ से हो रहे पलायन और बेरोजगारी के समाधान में भागीदार बनाने का आह्वान किया।
सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने कहा, निवेशक उत्तराखंड में निवेश क्यों करना चाहता है, इस पर चिंतन कर नीतियों में सुधार किया। विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई एमएसएमई नीति लागू कीं, जिसमें पहाड़ों में निवेश करने पर चार करोड़ तक सब्सिडी की व्यवस्था है। पर्यटन, लॉजिस्टिक, कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन नीति लागू की है।
कहा, राज्य की आबोहवा और दक्ष मानव संस्थान के साथ अन्य राज्यों की तुलना में श्रमिक विवाद नहीं है। अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप जैन ने कहा, उत्तराखंड में निवेश के लिए बेहतर ईको सिस्टम है। फार्मा सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोदरेज ग्रुप से अध्यक्ष राकेश स्वामी ने राज्य में निवेश के लिए पीस आफ डुईंग और इज आफ डुईंग का माहौल है। कहा, गोदरेज ने 15 साल पहले रुड़की में दो प्लांट शुरू किए थे। पूरे देश में 85 प्लांट स्थापित हैं। इस मौके पर जेबीएन ग्रुप के अध्यक्ष बीबी गुप्ता, टेक्योन ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन गांधी ने उत्तराखंड में निवेश के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बताया। सत्र में महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा ने उद्यमियों की शंकाओं को दूर कर सरकार की नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
देहरादून में शिक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा अधिक, निवेशक पहाड़ चढ़ें
यदि आप उत्तराखंड में नया विश्वविद्यालय या स्कूल खोलना चाह रहे हैं तो पहाड़ में जाएं। देहरादून मेें शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अधिक प्रतिस्पर्धा है। यह कहना है निवेशक सम्मेलन में आए कारोबारियों का। शिक्षा के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज के चांसलर डॉ.सुनील राय ने कहा, उनका संस्थान जब उत्तराखंड आया तो कुछ लोगों ने कहा, पहाड़ में सफल नहीं हो सकते कौन से बच्चे आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान शिक्षा पर चर्चा करते हुए कारोबारियों ने कहा, उत्तराखंड में कई बड़े संस्थान हैं। शिक्षा खासकर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में राज्य देश में नंबर एक है। कुछ निवेशकों ने कहा, राज्य में अच्छी आबोहवा है। शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए अच्छी फैकल्टी होनी चाहिए। शिक्षा सचिव शैलेश बगौली ने कहा, माध्यमिक व उच्च शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए कई काम किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। शोध के 50 प्रोजेक्ट के लिए 15 से 18 लाख रुपये तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। तकनीकी शिक्षा में भी उद्योगों की मांग के अनुरूप काम हो रहा है। इस दौरान कुछ लोगों सवाल भी किए।
शिक्षा विभाग में संयुक्त निदेशक आनंद भारद्वाज ने सवाल किया कि दून स्कूल के बारे में यह कहा जाता है कि इसमें अमीर घरों के बच्चे ही पढ़ने हैं। यहां अन्य भी दाखिला पा सकें इसके लिए प्रवेश की क्या प्रक्रिया है। इस पर स्कूल के चेयरमैन अनूप बिश्नोई ने कहा, छात्रों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। चर्चा के दौरान वाइस चांसलर अतुल घोसला, चांसलर यूपीईएस डॉ. सुनील राय, चांसलर प्रदीप कुमार गुप्ता, सचिव रविनाथ रमन आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उच्च शिक्षा दीपक पांडे ने किया।