उत्तराखंड: आईएएस षणमुगम के गायब होने के मामले की जांच शुरू, लगेगा एक सप्ताह का समय
- एसीएस मनीषा पंवार ने कहा, जांच में लगेगा एक सप्ताह का समय
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उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य और आईएएस अफसर वी षणमुगम के बीच विवाद की जांच शुरू हो गई है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार को जांच अधिकारी बनाया है। एसीएस के मुताबिक, उन्होंने जांच शुरू कर दी है। जांच एक हफ्ते में पूरी होने की संभावना है।
विवाद के तूल पकड़ने के बाद बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव को आदेश दिए थे कि वे किसी वरिष्ठ आईएएस अफसर को प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कराएं। मुख्यमंत्री के आदेश पर मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार को जांच अधिकारी बना दिया।
मनीषा पंवार ने जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला ने जांच के संबंध में जब उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने जल्द जांच पूरी करने को कहा है। उन्हें जांच करने में सप्ताह भर का समय लगेगा। यानी प्रकरण की जांच एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी।
प्रकरण पर लोकशाही और नौकरशाही बंटी
मुख्यमंत्री ने जांच बैठाकर राज्यमंत्री और आईएएस अधिकारी के बीच छिड़े विवाद को शांत करने का बेशक प्रयास किया हो, लेकिन अंदरखाने इस मसले पर लोकशाही और नौकरशाही बंट गई है।
सरकार के मंत्री इस मामले में नौकरशाही से बहुत खुश नजर नहीं आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तो खुलकर राज्यमंत्री के समर्थन में आ गए हैं। उधर, आईएएस अफसर को लेकर राज्यमंत्री के पत्र की भाषा को लेकर नौकरशाही में नाखुशी है।