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Dehradun News: उत्तराखंड ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किया सुधार

Sun, 31 May 2026 07:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 07:45 PM IST
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Uttarakhand improves maternal and child health services
-गर्भवतियों का पंजीकरण व संस्थागत प्रसव में हुई बढ़ोतरी
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-बच्चों में मोटापे की दर में आई कमी
-एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट में सरकार के प्रयासों से मिले अच्छे परिणाम
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया है। गर्भवतियों का पंजीकरण और संस्थागत प्रसव में भी वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा पांच वर्ष की आयु के बच्चों में मोटापे की दर में कमी आई है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 की रिपोर्ट में उत्तराखंड का मातृ स्वास्थ्य, नवजात व बाल स्वास्थ्य, पोषण, गैर संचारी रोगों से संबंधित प्रमुख संकेतकों में अच्छा प्रदर्शन रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की दर 68.8 प्रतिशत से बढ़कर 80.6 प्रतिशत हुई है। प्रसव पूर्व जांच का दायरा 91.8 प्रतिशत से बढ़कर 98.3 प्रतिशत हुआ है। साथ ही संस्थागत प्रसव 83.2 प्रतिशत से बढ़कर 88.9 प्रतिशत दर्ज किया गया। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से कराए गए प्रसव की दर 83.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.3 प्रतिशत हुई है।
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बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी राज्य ने उपलब्धियां हासिल की हैं। जन्म के दो दिनों के भीतर नवजात शिशुओं को प्रसवोत्तर देखभाल प्राप्त होने की दर 78.9 प्रतिशत से बढ़कर 86.7 प्रतिशत हो गई है। बच्चों में विटामिन-ए अनुपूरण 53.7 प्रतिशत से बढ़कर 59.9 प्रतिशत दर्ज किया गया। छह से 23 माह आयु वर्ग के बच्चों में पर्याप्त आहार प्राप्त करने की दर 12.2 प्रतिशत से बढ़कर 19.2 प्रतिशत हो गई है।
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राज्य में पूर्ण टीकाकरण प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 81.1 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है। खसरा की दूसरी खुराक प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 71.3 प्रतिशत से बढ़कर 83.2 प्रतिशत तथा रोटा वायरस वैक्सीन की तीनों खुराक प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 32.3 प्रतिशत से बढ़कर 92.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

कुपोषण से संबंधित संकेतकों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। बच्चों में बौनापन 27 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत, बच्चे के वजन की तुलना में लंबाई कम होने की दर 4.7 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत व कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 21 प्रतिशत से घटकर 19.6 प्रतिशत हो गया है। बच्चों में अधिक वजन की दर भी 4.1 प्रतिशत से घटकर 0.7 प्रतिशत रह गई है।
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एनएफएचएस की रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक परिणाम सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों का प्रतिफल हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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यह उपलब्धि मातृ, नवजात, बाल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रत्येक नागरिक तक सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा, खुशियों की सवारी के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।-सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री
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