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आईएएस अफसरों पर मनमानी कार्रवाई पर उत्तराखंड की नौकरशाही खफा, वजह है इस घोटाले की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 16 Aug 2018 09:23 PM IST
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ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री)
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एक के बाद एक अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के दायरे में लाने पर राज्य की नौकरशाही में काफी नाराजगी है। बृहस्पतिवार को करीब 40 आईएएस अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश से मुलाकात की। दोनों जगह करीब आधे-आधे घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें चुनिंदा आईएएस अफसरों के खिलाफ सभी ने एक स्वर में आक्रोश जताया। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वक्त मांगा है।
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पहले एनएच-74 में ऑर्बिट्रेशन की कार्रवाई पर अंगुली उठाते हुए एसआईटी से जांच कराने और फिर एमडीडीए में एक अधिकारी विशेष को घेरने को लेकर राज्य के नौकरशाह बिफरे नजर आ रहे हैं। इस सिलसिले में आईएएस एसोसिएशन के सचिव आनंद वर्द्धन के नेतृत्व में करीब चालीस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार सुबह दस बजे पहले राधा रतूड़ी और फिर साढ़े दस बजे के करीब ओम प्रकाश से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान अफसरों ने इन दोनों ही मामलों में अनावश्यक रूप से आईएएस अधिकारियों को घेरने की बात कही।
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सूत्रों के मुताबिक, एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि ऑर्बिट्रेशन न्यायिक अधिकारों के तहत की जाने वाली प्रक्रिया है। यदि ऑर्बिट्रेटर किसी मामले में निर्णय देता है, तो उसकी अपील जिला जज की कोर्ट में किए जाने की व्यवस्था है। इसकी जांच किए जाने को उन्होंने गलत ठहराया। इसके अलावा एमडीडीए की ओर से दो साल के रुटीन ऑडिट के पत्र पर पांच साल का स्पेशल ऑडिट कराए जाने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए।
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अफसरों ने तर्क दिया कि बिना प्राथमिक जांच के स्पेशल ऑडिट कराए जाने की बात समझ से परे है। एक अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों में भय व्याप्त हो गया है कि अब अगला नंबर किसका होगा? उन्होंने ऐसे दो प्रकरणों का उदाहरण भी दिया, जिसमें राज्य के दो बड़े अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कराए जाने की तैयारी थी। मगर बाद में इसे गैरवाजिब बताते हुए रोक दिया गया। अफसरों ने गिनती के कुछ अधिकारियों पर सरकार को गलत नीयत से और कम जानकारी के साथ सलाह दिए जाने आरोप लगाया। यह भी कहा कि इस प्रकार के फैसलों से नौकरशाही अघोषित कार्य बहिष्कार कर देगी। इस मुद्दे पर एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री से मुलाकात का वक्त दिलाने के लिए ओम प्रकाश से कहा गया। मुख्यमंत्री को लिखित रूप से एसोसिएशन अपना मांग पत्र सौंपेगा। इस संबंध में आनंद वर्द्धन समेत कोई भी आईएएस अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। अलबत्ता, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की।
आईएएस एसोसिएशन विभिन्न मांगों को लेकर मुझसे मिलने आया था। उन्होंने मुझसे मुख्यमंत्री से वक्त दिलाए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के लौटने के बाद समय लेकर उन्हें बताया जाएगा।
- ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री)