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उत्तराखंड: हाईकोर्ट का आदेश, एलटी शिक्षकों को अधीक्षक राजपत्रित बनाने पर रोक
Sun, 14 Jun 2020 09:53 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 14 Jun 2020 09:53 PM IST
सार
- हाईकोर्ट ने पदोन्नत किए गए शिक्षकों से मांगा जवाब
- एटी आदर्श स्कूलों में किया गया था शिक्षकों का प्रमोशन
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
एलटी ग्रेड के दो शिक्षकों को समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित अनुसूचित जनजाति आदर्श विद्यालयों में अधीक्षक राजपत्रित के पदों पर पदोन्न्त किए जाने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने साथ ही पदोन्नत हुए अभ्यर्थियों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी प्रेमलता सहगल और प्रीति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने 25 मई 2020 को एलटी ग्रेड के कुछ शिक्षकों का प्रमोशन अनुसूचित जनजाति आदर्श विद्यालयों के अधीक्षक राजपत्रित पद पर किया है, जो नियम विरुद्ध है।
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याचिका में कहा गया कि 2005 में सीटी ग्रेड का एलटी ग्रेड में विलय हो गया था। वर्तमान में एलटी ग्रेड के शिक्षकों का ग्रेड पे 4600 है, जबकि आदर्श विद्यालय के अधीक्षक का ग्रेड पे 4200 है।
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इस प्रकार उच्च ग्रेड पे वाले अभ्यर्थी की पदोन्नति निम्न ग्रेड पे के पद पर नहीं हो सकती। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आदर्श विद्यालयों के अधीक्षक राजपत्रित पदों पर हुई पदोन्नति पर रोक लगाते हुए पदोन्नत अभ्यर्थियों से जवाब मांगा है।