फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand high court strike on dehradun dm for illegal Slaughterhouse

देहरादून डीएम पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- दून में कितने अवैध स्लॉटर हाऊस, कहां से आ रहा मीट

Mon, 16 Mar 2020 08:43 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 16 Mar 2020 08:43 PM IST
सार

  • जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
  • देहरादून के डीएम को दो दिन के भीतर मामले में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश निर्देश

विज्ञापन
Uttarakhand high court strike on dehradun dm for illegal Slaughterhouse
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी देहरादून को दो दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि देहरादून में कितने अवैध स्लॉटर हाउस चल रहे हैं और मीट कहां से आ रहा है।  मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। 

विज्ञापन


देहरादून निवासी वरुण सोबती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 29 सितंबर 2018 को हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से चल रहे स्लॉटर हाउसों को बंद करने और खुले में पशु वध पर रोक लगाने के निर्देश सरकार को दिए थे। याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर दून वैली को रेड जोन में रखा है। कहा गया है कि दून वैली में जिंदा जानवरों का आयात किया जा रहा है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर पूर्णत: रोक लगाने की मांग की थी। यह भी कहा गया कि चीन में कोरोना का वायरस भी पशुओं की मंडी से फैला है। देहरादून घाटी के लिए 1989 व 2020 में अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए हैं। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी देहरादून को दो दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में डीएफओ हरिद्वार कोर्ट में पेश

हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में हरिद्वार के डीएफओ आकाश कुमार वर्मा सोमवार को कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोर्ट के आदेश का पालन कर लिया है। इसके बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी रतिराम ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट ने पूर्व में उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी समस्त सेवाओं को जोड़ते हुए पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ देने के आदेश दिए थे।

कोर्ट के आदेश के बाद भी डीएफओ हरिद्वार ने इसका पालन नहीं किया और कहा कि उनकी रेगुलर सर्विस 10 साल से कम है इसलिए उनको पेंशनरी बेनिफिट के समस्त लाभ नहीं दिया जा सकते हैं।

पूर्व में कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं करने पर डीएफओ हरिद्वार को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में वह कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पूर्व में पारित कोर्ट के आदेश का पालन कर दिया गया है। जिसके बाद अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed