फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court Stop policy decision of administrators appointed in panchayat

हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग पर बरती सख्ती, पंचायत में प्रशासकों के नीतिगत फैसले लेने पर लगाई रोक

Sat, 27 Jul 2019 09:46 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 27 Jul 2019 09:46 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand High Court Stop policy decision of administrators appointed in panchayat
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड मे हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा पंचायतों में नियुक्त किए गए प्रशासकों के नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि प्रशासक पंचायतों में काम तो करेंगे मगर कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते हैं। 

विज्ञापन


बता दें कि पंचायत चुनाव में देरी पर दाखिल राष्ट्रपति शासन लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुए 31 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने को कहा है।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार ने कहा कि चार महीनों के भीतर राज्य में पंचायत चुनाव करवा दिया जाएगा, लेकिन कोर्ट इस तर्क से संतुष्ट नहीं रही। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि जब 15 जुलाई को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था तो संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने कोर्ट में याचिका दाखिल क्यों नहीं की। 

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने टिप्पणी की कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है पर संवैधानिक दायित्व निभाने पर चुप रहा। राज्य में 15 जुलाई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया है। 
 

संविधान व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्यकाल पूरा होने तक चुनाव कराने अनिवार्य हैं, मगर सरकार ने चुनाव कराने के बजाए राज्य में छह जुलाई को ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी। 

राज्य सरकार चुनाव कराने में नाकाम रही तो गूलरभोज ऊधम सिंह नगर निवासी नईम अहमद ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। राज्य सरकार संवैधानिक कर्तव्य निभाने में नाकाम रही है। याचिका में मांग की गई थी कि राज्य में संविधान का अनुछेद 356 के तहत सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed