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Uttarakhand: दुल्हनी नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने पर हाईकोर्ट का PCB से जवाब तलब
Fri, 24 Feb 2023 11:45 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 24 Feb 2023 11:45 PM IST
सार
नकरौंदा पिंडर वैली निवासी देवेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार सौंग की सहायक नदी दुल्हनी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रही है, जबकि इस नदी का पानी गंगा नदी में जाता है।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून में सौंग की सहायक नदी दुल्हनी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अन्य पक्षकारों से भी 21 मार्च से पहले जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। वार्ड नंबर आठ नकरौंदा पिंडर वैली निवासी देवेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार सौंग की सहायक नदी दुल्हनी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रही है, जबकि इस नदी का पानी गंगा नदी में जाता है। इसमें हमेशा पानी रहता है। क्षेत्र के लोग इस पानी का इस्तेमाल पीने में भी करते आ रहे हैं।
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पहले से ही इस नदी में दून वैली डिस्टलरी का गंदा पानी बहाया जा रहा है। इसके लगने से डायरिया, हैजा सहित कई बीमारियां उत्पन्न होंगी। याचिका में कहा गया कि क्षेत्रवासियों ने इस संबंध में कई प्रत्यावेदन प्रशासन को दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा शहरी विकास और पेयजल निगम ने एक रिपोर्ट पेश कर कह दिया कि क्षेत्रवासियों ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। जनहित याचिका में एसटीपी प्लांट को इस स्थान से कहीं अन्य स्थान पर लगाए जाने की मांग की गई थी।