{"_id":"64de4c7be1363129c405a6e4","slug":"uttarakhand-high-court-prohibition-on-illegal-mining-in-kotdwar-order-to-ready-plan-to-repair-damaged-bridges-2023-08-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand High Court: कोटद्वार में अवैध खनन पर रोक, क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का प्लान बनाने के भी निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand High Court: कोटद्वार में अवैध खनन पर रोक, क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का प्लान बनाने के भी निर्देश
Thu, 17 Aug 2023 10:11 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Aug 2023 10:11 PM IST
सार
पौड़ी गढ़वाल निवासी अक्षांश असवाल ने जनहित याचिका में कहा कि अवैध खनन की वजह से कोटद्वार सहित पौड़ी गढ़वाल के कई पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण कई लोगों की जान तक चली गई है।
विज्ञापन
उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने कोटद्वार के मालन, सुखरो और खो नदी में अवैध खनन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जितने पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं उनकी मरम्मत करने के लिए प्लान बनाएं। यह आदेश अवैध खनन के चलते पुल क्षतिग्रस्त होने पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिए गए। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी गढ़वाल निवासी अक्षांश असवाल ने जनहित याचिका में कहा कि अवैध खनन की वजह से कोटद्वार सहित पौड़ी गढ़वाल के कई पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण कई लोगों की जान तक चली गई है।
विज्ञापन
Kotdwar: बारिश के बाद फिर बढ़ा मालन नदी का जलस्तर, ट्रक और कई लोग फंसे, पुलिस ने किया रेस्क्यू
विज्ञापन
मालन नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण कोटद्वार नगर का संपर्क कट गया है। सरकार ने मालन नदी का पुल 2010 में 12 करोड़ 35 लाख में बनाया, जो सिर्फ 13 साल में क्षतिग्रस्त हो गया। जांच करने पर पुल टूटने का मुख्य कारण अवैध खनन बताया गया। जब पुल टूटा तो उसके तीसरे ही दिन अवैध खनन शुरू हो गया।
अभी तक क्षतिग्रस्त हो चुके 83 पुल
इस मानसून सीजन में अभी तक प्रदेश के 83 पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यहां पुलों पर अस्थायी यातायात खोलने के लिए 3.87 करोड़ रुपये चाहिए। वहीं, सभी पुलों को पुरानी अवस्था में लाने के लिए 92.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे।