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नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात के लिए हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को दिया यह निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Sat, 07 Jul 2018 09:48 AM IST
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nainital high court
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हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता नाबालिग का गर्भपात कराने की अनुमति संबंधी प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए सीएमओ नैनीताल को तीन वरिष्ठ डॉक्टरों का एक पैनल गठित कर युवती के गर्भ का परीक्षण कराने और रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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पैनल सात जुलाई यानी शनिवार को ही युवती और उसके गर्भ का मेडिकल परीक्षण करेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने पीड़िता की पहचान को उजागर न करने के भी निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
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न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नाबालिग युवती ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि वह 16 वर्ष की है और बलात्कार पीड़ित है।
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21 सप्ताह की गर्भवती है पिड़िता
rape victim
इस कृत्य के बाद वह 21 सप्ताह की गर्भवती है। उसे नारी निकेतन हल्द्वानी में रखा गया, जहां से वह 16 जून 2018 को अपनी मां के घर गई है।
उसने अपना मेडिकल टेस्ट कराया और गर्भपात कराना चाहा, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि 1971 की धारा 3 के अनुसार 20 हफ्ते से ज्यादा के गर्भ का चिकित्सीय समापन नहीं किया जा सकता है।
इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को आदेश दिए हैं कि तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल तैयार कर युवती और उसके गर्भ की व्यापक जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को दें।
उसने अपना मेडिकल टेस्ट कराया और गर्भपात कराना चाहा, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि 1971 की धारा 3 के अनुसार 20 हफ्ते से ज्यादा के गर्भ का चिकित्सीय समापन नहीं किया जा सकता है।
इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को आदेश दिए हैं कि तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल तैयार कर युवती और उसके गर्भ की व्यापक जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को दें।