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हाईकोर्ट ने एचडीए से पूछा, कुष्ठ रोगियों के विस्थापन को क्या कोई नीति बनाई?
Thu, 14 Mar 2019 10:47 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 14 Mar 2019 10:47 PM IST
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हरिद्वार में गंगा नदी के किनारों से कुष्ठ रोगियों को हटाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने हरिद्वार विकास प्राधिकरण(एचडीए) को पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि कुष्ठ रोगियों को अन्य जगह विस्थापित करने के लिए सरकार ने क्या कोई नीति बनाई है। कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट तीन सप्ताह में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून की एनजीओ वेलफेयर सोसायटी (रजिस्टर्ड एनजीओ) ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा था कि सरकार ने पिछले दिनों गंगा नदी के किनारों और अन्य जगहों से अतिक्रमण हटाने के दौरान कुष्ठ रोगियों को भी हटा दिया है।
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याचिका में कहा गया कि अब उन लोगों के पास न तो घर है और न रहने की कोई व्यवस्था। ये लोग बरसात के समय में भी खुले में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। खंडपीठ ने इसका स्वत: संज्ञान लेकर इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया था।
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