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छात्रवृत्ति घोटाला: एसआईटी पर हाईकोर्ट की सख्ती, 30 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

Thu, 12 Sep 2019 08:49 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 12 Sep 2019 08:49 AM IST
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Uttarakhand High court Not satisfied to SIT report on scholarship scam
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाला प्रकरण पर सुनवाई के दौरान एसआईटी की ओर से दाखिल जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द हर बिंदु की विवेचना कर रिपोर्ट 30 सिंतबर तक कोर्ट में पेश करने को कहा है। 

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बुधवार को मामले में एसआईटी के दोनों अधिकारी टीसी मंजूनाथ और आईजी संजय गुंज्याल न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। आईजी गुंज्याल की ओर से कहा गया कि उन्होंने सोशल वेलफेयर डिर्पाटमेंट से दस्तावेज मांगे हैं।
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दो जिलों के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं और उस पर जांच शुरू कर दी गई है, बाकी की जांच भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। जिस पर कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। टीसी मंजूनाथ ने कहा कि उनकी ओर से हरिद्वार के 14 इंस्टीट्यूटों की जांच की जा चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है।

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13 इंस्टीट्यूटों की जांच चल रही है जो कि पूरी होने को है। उन्होंने कहा कि देहरादून की जांच अभी बाकी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार देहरादून निवासी राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों का छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया है।

इससे स्पष्ट होता है कि 2003 से अब तक विभाग ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। 2017 में इसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित की थी और तीन माह के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा था। याचिका में कहा गया कि मामले इस पर आगे की कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।

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