हाईकोर्ट का आदेश, हरिद्वार-देहरादून हाईवे और 42 फ्लाईओवरों का काम दिसंबर तक हर हाल में करें पूरा
हाईकोर्ट ने नाबार्ड को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य सरकार को फ्लाईओवरों निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में धन स्वीकृत करें। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे 42 फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य दिसंबर 2018 तक पूर्ण करे।
साथ ही अन्य 22 फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य मार्च 2019 तक पूरा करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि अन्य बचे 9 फ्लाई ओवरों का निर्माण कार्य एक साल के भीतर पूर्ण करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि हरिद्वार देहरादून हाइवे का निर्माण कार्य एक जनवरी 2019 तक पूर्ण कर लें। कोर्ट ने इस जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी व राज्य आंदोलनकारी रविन्द्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून में निर्माणाधीन फ्लाईओवरों के निर्माण में काफी देरी हो रही है।
पांच महीने में कार्य पूरा करने की चुनौती
याचिका में कहा कि इसकी वजह से कई हादसे हो चुके हैं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में कहा कि बल्लीवाला चौक पर बने फ्लाई ओवर में लोक निर्माण विभाग की ओर से लापरवाही की गई है।
यह फ्लाईओवर भारत सरकार ने फोरलेन में स्वीकृत किया था, लेकिन सरकार ने इसे दो लेन वाला बना दिया है। दो लेन के फ्लाई ओवर में डिवाइडर भी लगा दिए हैं इससे वहां कई हादसे हो चुके हैं।
न्यायालय ने अपने आदेश में मार्च 2019 तक हाईवे का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन एनएचएआई ने काम पूरा करने के लिए एक साल का लक्ष्य तय किया है। न्यायालय के आदेश के आलोक में उसे पांच महीने में काम पूरा करना होगा। ऐसे में एनएचएआई के सामने हाईवे निर्माण को पूरा करने की कड़ी चुनौती है।
98 फ्लाईओवर और पुलों का होना है निर्माण
सरकार की ओर से ये तर्क भी दिया गया था कि पुलों और फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए नाबार्ड धनराशि देता है। लेकिन धनराशि प्राप्त नहीं हो पाई है। इस पर न्यायालय ने नाबार्ड को पुलों और फ्लाईओवर के निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा धनराशि देने के आदेश दिए।