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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा- यूएस नगर, रामनगर और हरिद्वार में कोरोना टेस्ट लैब खोले जा सकते हैं?

Wed, 15 Apr 2020 08:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 15 Apr 2020 08:51 PM IST
सार

  • हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को 18 अप्रैल तक विस्तृत जवाब देने को कहा
  • पूछा-स्वास्थ्य कर्मियों के सुरक्षा उपकरणों के लिए और क्या किए जाने की जरूरत है

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Uttarakhand High court Asks to central And state Government for Corona test lab open in three districts

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट में आज हुई पहली वर्चुअल ऑनलाइन सुनवाई में कोर्ट ने वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने की सरकारों की तैयारियों पर 18 अप्रैल तक विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र और प्रदेश सरकार से पूछा है कि कोरोना से बचाव को मुख्य अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के सुरक्षा उपकरणों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार और क्या किए जाने की जरूरत है।

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कोर्ट ने यह भी पूछा कि ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और रामनगर में कोरोना टेस्ट लैब बनाने की क्या संभावना है? पूछा कि केंद्र सरकार बताए क्या इन जगहों पर सरकार लैब बना सकती है? न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार  मैटर ऑफ प्रोवाइडिंग सिक्योरिटी टू डॉक्टर्स एंड पैरा मेडिकल के नाम से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
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हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को विस्तृत ईमेल भेजकर कोरोना के दृष्टिगत राज्य में चिकित्सा स्टाफ को उपकरणों इत्यादि की समुचित सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही उन्हें पूरी सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी। पक्षों को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार व केंद्र सरकार को 18 अप्रैल तक विस्तृत जवाब देने  के लिए कहा है।

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रबी फसल के कटान के लिए क्या गाइड लाइन है : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के इस दौर में केंद्र और राज्य सरकार से पूछा है कि किसानों की रबी की फसल के कटान के लिए क्या गाइडलाइन जारी की गई है? कोर्ट ने पूछा कि क्या राज्य सरकार बिना भीड़ जुटाए किसानों की रबी फसल की खरीद कर सकती है? कोर्ट ने इस मामले में सरकार को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया एवं न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष इन री इन द मैटर ऑफ वेलफेयर ऑफ पूअर फार्मर के नाम से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान किसानों की रबी फसल पक चुकी है लेकिन उन्हें फसल काटने और इसे बेचने में लॉकडाउन का सामना करना पड़ रहा है।

याचिका में कहा गया कि किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। याचिकाकर्ता ने रबी फसल के कटान और उसे बेचने के लिए राज्य सरकार को उचित व्यवस्था करने को निर्देशित करने की मांग की है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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