फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court asked government that is it possible to get artificial rain in state

उत्तराखंड: जंगलों की आग को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, क्या राज्य में कृत्रिम बारिश कराना संभव है?

Thu, 08 Apr 2021 12:18 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 08 Apr 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand High Court asked government that  is it possible to get artificial rain in state
- फोटो : फाइल फोटो

नैनीताल हाइकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में लगी आग पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि क्या राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कृत्रिम बारिश कराना संभव है। इस दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जंगलों की आग से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था करने के साथ ही कई अहम दिशानिर्देश भी दिए। इन निर्देशों के साथ ही मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान में ली गई इन द मैटर ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ फॉरेस्ट एरिया, फॉरेस्ट हेल्थ एंड वाइल्ड लाइफ की जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है।

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को वन विभाग में खाली पड़े 60 प्रतिशत पदों को छह माह में भरने, ग्राम पंचायतों को मजबूत कर जंगलों की सालभर निगरानी करने, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ को बजट मुहैया कराने, आग बुझाने में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने तथा जंगलों की आग को दो सप्ताह में बुझाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इन निर्देशों को तत्काल लागू करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार को प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक (पीसीसीएफ) वर्चुअली उपस्थित हुए। इस दौरान पीसीसीएफ ने कोर्ट को विभाग की वनाग्नि से लड़ने की नीति और तकनीक के बारे में बताया। वहीं, पर्यावरण मित्रों ने कोर्ट को बताया कि 2017 में आग लगने पर एनजीटी ने 12 बिंदुओं पर एक गाइडलाइन जारी की थी, जिस पर आज तक सरकार ने कोई अमल नहीं किया है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि उस गाइडलाइन को छह माह के भीतर लागू करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग में करीब 41 प्रतिशत पद खाली 

जंगल को सुरक्षित रखने में पसीना बहा रहे वन विभाग को कर्मचारियों की कमी का सामना भी करना पड़ रहा है। प्रदेश में वन महकमे में करीब 40 प्रतिशत पद खाली हैं और इनमें से सबसे अधिक खाली पद फील्ड स्टाफ के ही हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वन आरक्षियों के इस समय 1252 पद ही भरे हुए हैं। करीब-करीब इतने ही पद खाली हैं। वन आरक्षियों, सहायक वन संरक्षक, वन दरोगा सहित अन्य स्तर के करीब 2517 पद खाली हैं। कुल पदों की तुलना में यह करीब 41 प्रतिशत हैं।

इन पदों को भरने के लिए वन विभाग के स्तर पर पहले से कोशिश होती रही है। वन आरक्षियों के 1218 पदों पर भर्ती का मामला परीक्षा में नकल के कारण अधर में लटक गया था। अब इसमें लिखित परीक्षा हो गई है और मई में शारीरिक परीक्षा होने की संभावना है। इसी तरह वन दरोगाओं के 316 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। विभाग की ओर से इसके लिए अधियाचन भेजा चुका है। विभाग 40 रेंजर की भर्ती का अधियाचन भी भेज चुका है।

इसी तरह सहायक वन संरक्षक के पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के मुताबिक भर्ती के कई मामले अदालतों में भी विचाराधीन हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भर्ती में तेजी आने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed