फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court Angry for not Doing distribution of corporation assets between UP-Uttarakhand

उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने पूछा- क्या दिक्कत है, क्यों नहीं हो रही परिवहन सचिवों की बैठक?

Wed, 04 Aug 2021 11:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 04 Aug 2021 11:29 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने केंद्रीय परिवहन सचिव को शीघ्र यूपी व उत्तराखंड के परिवहन सचिवों की बैठक कराने के निर्देश दिए हैं ताकि परिवहन विभाग की परिसंपत्तियों का बंटवारा हो सके।

विज्ञापन
Uttarakhand High Court Angry for not Doing distribution of corporation assets between UP-Uttarakhand
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने रोडवेज कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं दिए जाने और अब तक यूपी और उत्तराखंड की रोडवेज संबंधी परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि जब दो देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक होती है तो विदेश सचिवों की मुख्य भूमिका होती है, लेकिन यहां कोर्ट के बार-बार आदेश देने के बाद भी अब तक परिवहन सचिवों की बैठक तक नहीं हो पाई है। कोर्ट ने पूछा कि बैठक करने में कहां समस्या आ रही है। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने केंद्रीय परिवहन सचिव को शीघ्र यूपी व उत्तराखंड के परिवहन सचिवों की बैठक कराने के निर्देश दिए हैं ताकि परिवहन विभाग की परिसंपत्तियों का बंटवारा हो सके। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर कोर्ट को बताएं कि कब तक दोनों प्रदेशों के परिवहन सचिवों की बैठक होगी। सुनवाई के दौरान वित्त सचिव अमित नेगी, परिवहन सचिव रंजीत सिन्हा, नवनियुक्त महानिदेशक परिवहन नीरज खैरवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। 
विज्ञापन


इस दौरान परिवहन सचिव ने कोर्ट को बताया कि राज्य आकस्मिक निधि से ऋण के रूप में 34 करोड़ रुपये निगम को देने की मंजूरी कैबिनेट ने दे दी है जिसे बुधवार को निगम के खाते में जमा किया जाएगा। पूर्व में कोर्ट के निर्देश के क्रम में परिसंपत्तियों के बंटवारे के लिए दोनों प्रदेशों के सचिवों की बैठक के बारे में दिए निर्देश के संबंध में कोर्ट के सवाल पर केंद्र सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उत्तराखंड के परिवहन सचिव ने शपथपत्र पेश कर कहा कि भविष्य में कर्मचारियों के वेतन के लिए वह संपूर्ण प्रपोजल कैबिनेट के सामने रखेंगे। लॉकडाउन खुलने पर निगम पूर्व की भांति कार्य करने लगा है। इससे भी निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यूनियन ने कहा, ग्रेच्युटी-पीएफ भी नहीं दिया जा रहा

सुनवाई के दौरान उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि निगम द्वारा कर्मचारियों को एसीपी, ग्रेच्युटी और पीएफ भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह मामला अलग है। कर्मचारियों को कहां से वेतन दिया जाए अभी यह समस्या है।

उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने जा रही है, जो नियम विरुद्ध है। सरकार कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर करती आई है। सरकार व परिवहन निगम न तो संविदा कर्मचारियों को नियमित कर रहे हैं और न उनको नियमित वेतन दिया जा रहा है। उनको पिछले चार साल से ओवरटाइम भी नहीं दिया जा रहा है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भी भुगतान नहीं किया गया है। कहा गया है कि यूनियन का सरकार व निगम के साथ कई बार मांगों को लेकर समझौता हो चुका है। लेकिन समस्या वैसी की वैसी ही है। याचिका में कहा गया कि सरकार ने निगम को 45 करोड़ रुपया बकाया देना है, वहीं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा भी उत्तराखंड निगम को 700 करोड़ रुपया देने हैं।

राज्य सरकार निगम को न तो उसका 45 करोड़ रुपये दे रही है और ना ही राज्य सरकार उत्तर प्रदेश से 700 करोड़ की मांग कर रही है। इस वजह से निगम न तो नई बसें खरीद पा रहा है और न ही बस में यात्रियों की सुविधाओं के लिए सीसीटीवी सहित अन्य सुविधाएं दे पा रहा है। लॉकडाउन के चलते उनको फरवरी से वेतन तक नहीं दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed