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उत्तराखंड हाईकोर्ट: राज्य सरकार ने एनआईटी के लिए सुमाड़ी कैंपस को बताया उपयुक्त
Fri, 10 Jul 2020 12:10 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 10 Jul 2020 12:10 AM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : google
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नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रीनगर के सुमाड़ी स्थित एनआईटी कैंपस के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रखी है। कोर्ट में राज्य सरकार और सुमाड़ी के ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सुमाड़ी एनआईटी के लिए उपयुक्त स्थान है।
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अब इसमें केंद्र सरकार अपना पक्ष रखेगी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि वह कई बार उस भूमि की भूगर्भीय जांच कर चुके हैं। राज्य सरकार की ओर से वहां करोड़ों की धनराशि खर्च कर भवनों का निर्माण भी किया जा चुका है। बावजूद इसके केंद्र सरकार की ओर से उसे शिफ्ट करने की कवायद की जा रही है। संस्थान में कार्य कर रहे कर्मचारियों की रोजी-रोटी एवं भविष्य भी इससे जुड़ा है, इसलिए संस्थान को शिफ्ट नहीं किया जाए।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की वीडियो कॉन्फ्रें सिंग से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार एनआईटी श्रीनगर (पौड़ी) के पूर्व छात्र जसवीर ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि संस्थान बने नौ साल हो गए हैं लेकिन इसे स्थायी कैंपस का दर्जा नहीं मिल सका है।
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याचिका में कहा कि छात्र लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं, मगर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। वर्तमान में विद्यार्थी जिस जगह हैं वह भवन पूरी तरह जर्जर है वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रखी है।