फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand Health Minister likes PPP mode

पीपीपी मोड की कंपनी पर स्वास्थ्य मंत्री मेहरबान

Thu, 24 Nov 2016 11:07 AM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 24 Nov 2016 11:07 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand Health Minister likes PPP mode
doctor

सेवाओं में कमी के आधार पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने कुछ समय पूर्व जिस कंपनी शील नर्सिंग होम का अनुबंध निरस्त किया था, उस पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी मेहरबान हैं।

विज्ञापन


मंत्री ने स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल को कंपनी को दोबारा काम देने के निर्देश दे दिए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक ने गेंद शासन के पाले में डालते हुए दिशा-निर्देश मांगे हैं। दरअसल कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने दो कंपनियों से 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के पीपीपी मोड में संचालन के लिए अनुबंध किया। इसमें से शील नर्सिंग होम को चौखुटिया, लोहाघाट, बाजपुर, गैरसैण, जखोली, गरमपानी, कपकोट और मुनस्यारी सीएचसी का संचालन दिया गया।
विज्ञापन


वहीं राजभ्रा मेडिकेयर को रायपुर, सहिया, थत्यूड और नैनबाग सीएचसी की जिम्मेदारी दी गई। दोनों कंपनियों को अनुबंध के अनुसार अस्पताल में सेवाएं, सुविधाएं और डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ रखने थे। हालांकि कई तरह की अनियमितताओं के चलते विभाग ने राजभ्रा मेडिकेयर का अनुबंध निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं कुछ समय पूर्व सेवाओं में कमी और लोगों के विरोध के चलते विभाग ने लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को शील नर्सिंग होम से वापस ले लिया। साथ ही अन्य दो सीएचसी लोहाघाट और बाजपुर का अनुबंध भी निरस्त कर दिया, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को विभाग का यह नियम रास नहीं आया।

उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल को कंपनी को काम सौंपने को कहा है। अब मंत्री के निर्देश मिलने के बाद डीजी असमंजस में हैं। बीच का रास्ता निकालते हुए उन्होंने शासन से दिशा-निर्देश मांगे हैं। स्वास्थ्य मंत्री का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। उनका पक्ष आने पर प्रकाशित किया जाएगा। 

डीजी पर बढ़ा दबाव  
सूत्रों के अनुसार इस मामले में कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक पर दबाव बहुत अधिक बढ़ गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने डीजी को व्यक्तिगत रूप से फोन कर भी कार्रवाई के लिए कहा है। जिस पर डीजी ने शासन को मामला फॉरवर्ड कर दिया है। 


स्वास्थ्य मंत्री ने शील नर्सिंग होम को काम देने को कहा है। हम कंपनी को लीगली टर्मिनेट कर चुके हैं। यह बात हम मंत्री को भी बता चुके हैं। उसके बावजूद मंत्री ने उन्हें काम देने के निर्देश दिए हैं, जिस पर शासन से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
- डा. कुसुम नरियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed